नयी दिल्ली: देश के अलग-अलग हिस्सों से ऑनलाइन गेमिंग की लत से जुड़ी दो दर्दनाक घटनाएँ सामने आई हैं, जिन्होंने बच्चों और किशोरों पर डिजिटल लत के खतरनाक प्रभाव को उजागर कर दिया है।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक ऑनलाइन कोरियन गेम से कथित तौर पर प्रभावित तीन सगी बहनों ने ऊँची इमारत से कूदकर जान दे दी, जबकि मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक 14 वर्षीय किशोर ने माता-पिता द्वारा ऑनलाइन गेम खेलने से रोकने पर आत्महत्या कर ली।
गाजियाबाद की घटना
गाजियाबाद के साहिबाबाद इलाके के भारत सिटी में बुधवार तड़के करीब 2:15 बजे तीन बहनें-16 वर्षीय निशिका, 14 वर्षीय प्राची और 12 वर्षीय पाकी अपने नौवीं मंज़िल के फ्लैट की बालकनी से कूद गईं। उन्हें तुरंत लोनी के एक अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के अनुसार तीनों बहनें एक टास्क-आधारित ऑनलाइन कोरियन “लव गेम” की लत में थीं। उन्होंने एक डायरी में लिखा था-“इस डायरी में जो लिखा है, सब पढ़ लेना, सब यहीं है…” इसके साथ रोते हुए चेहरे का इमोजी और संदेश था-“सॉरी पापा, मुझे माफ़ कर दो।”
डायरी लड़कियों के सामान से बरामद हुई है। पुलिस ने बताया कि तीनों पिछले दो साल से स्कूल नहीं जा रही थीं और ज़्यादातर समय कमरे में बंद रहकर मोबाइल फोन इस्तेमाल करती थीं। उनके पिता व फ़ॉरेक्स ट्रेडर चेतन कुमार ने बताया कि लड़कियाँ पिछले ढाई से तीन साल से यह गेम खेल रही थीं और अक्सर कोरिया जाने की बात करती थीं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार हाल के दिनों में माता-पिता ने मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक लगाई थी, जिससे वे मानसिक रूप से परेशान थीं। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि लड़कियाँ कोरियन डिजिटल कंटेंट से काफ़ी प्रभावित थीं।
उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्णा ने कहा कि मामले की गहन जाँच की जा रही है और साइबर जागरूकता बेहद ज़रूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि ऑनलाइन लत से जुड़ी समस्याओं में स्थानीय पुलिस से संपर्क करें।
भोपाल की घटना
इसी तरह की एक और घटना मध्य प्रदेश के भोपाल से सामने आई, जहाँ पिपलानी थाना क्षेत्र के श्रीराम कॉलोनी में कक्षा 9 में पढ़ने वाले 14 वर्षीय किशोर ने फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
पुलिस के अनुसार किशोर मोबाइल पर ‘फ्री फायर’ नामक ऑनलाइन गेम खेलता था और उसने अपने दादा के बैंक खाते से लगभग 28,000 रुपये खर्च कर दिए थे। जब परिवार को इसका पता चला तो उसे गेम खेलने से मना किया गया। घटना वाले दिन भी उसकी माँ ने उसे दोबारा गेम खेलने से रोका, जिसके बाद उसने यह कदम उठाया। डीसीपी विवेक सिंह ने बताया कि पुलिस इस मामले की पूरी जाँच कर रही है और गेम से जुड़े पहलुओं की समीक्षा की जा रही है। ज़रूरत पड़ने पर राज्य सरकार को नई गाइडलाइन या नियमों की सिफ़ारिश की जाएगी।
किशोर के मामा ओम साहू ने सरकार से ऐसे ऑनलाइन गेम्स पर प्रतिबंध लगाने की माँग की और अभिभावकों से बच्चों की गतिविधियों पर नज़र रखने की अपील की। उन्होंने बताया कि बच्चा पढ़ाई और खेल दोनों में काफ़ी अच्छा था और कई स्केटिंग पुरस्कार जीत चुका था।