कोलकाता : ISL के साथ-साथ अब आई-लीग को लेकर भी गतिरोध आखिरकार खत्म हो गया है। 21 फरवरी से आई-लीग शुरू होने जा रही है। भारत की दूसरी डिविजन की इस लीग का आयोजन टू-स्टेज फॉर्मेट में होगा। यानी टूर्नामेंट को दो हिस्सों में बांटा जाएगा - लीग चरण और चैंपियन व रेलिगेशन राउंड।
इस बीच एक नया अपडेट सामने आया है। देश की जानी-मानी टीम चर्चिल ब्रदर्स इस बार आई-लीग में हिस्सा नहीं लेगी। पिछले सीजन में गोवा की यह टीम कागज़ों में चैंपियन बनी थी लेकिन तकनीकी कारणों से खेल पंचाट (कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट) के फैसले के बाद इंटर काशी को चैंपियन घोषित किया गया था।
इस बार लीग में कौन-कौन खेलेगा?
स्पॉन्सर न मिलने की वजह से क्लबों से ही लीग संचालन के लिए पैसे देने को कहा गया था। इस शर्त को मानते हुए हर क्लब को 20 लाख रुपये देने हैं। राशि जमा करने की आखिरी तारीख 2 फरवरी थी। 10 टीमों में से अब तक 8 टीमों ने पैसे जमा कर दिए हैं। आइजोल एफसी और चनमारी एफसी ने कुछ और समय मांगा है।
इस मुद्दे पर एक व्यक्ति ने PTI को दिए इंटरव्यू में कहा कि आइजोल एफसी और चनमारी एफसी ने अभी तक पैसे जमा नहीं किए हैं लेकिन उन्होंने टूर्नामेंट में भागीदारी की पुष्टि कर दी है। उम्मीद है कि दोनों क्लब बहुत जल्द भुगतान कर देंगे।
हालांकि इस बार आई-लीग में खास नजर कोलकाता की टीम डायमंड हार्बर एफसी पर रहेगी। पिछले सीजन में आई-लीग 2 की चैंपियन बनने के बाद इस बार उन्हें आई-लीग में प्रमोशन मिला है। वे खिताब के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं।
चर्चिल ब्रदर्स की भागीदारी को लेकर AIFF के जनरल सेक्रेटरी एम सत्यनारायण ने कहा कि चर्चिल ने अब तक खेलने को लेकर कुछ भी निश्चित नहीं किया है। वे व्यावहारिक रूप से बाहर हैं। हालांकि इस पर अंतिम फैसला आई-लीग के मैनेजिंग डायरेक्टर लेंगे।
आई-लीग में भाग लेने वाली टीमें
डायमंड हार्बर एफसी, आइजोल एफसी, चनमारी एफसी, डेम्पो एससी, गोकुलम केरल, नामधारी एफसी, राजस्थान यूनाइटेड, रियल कश्मीर एफसी, शिलॉन्ग लाजोंग एफसी और श्रीनिधि डेक्कन।