इस समय तेरह के फंदे में फंसे हैं आठ क्लब। चैंपियंस लीग के राउंड रॉबिन चरण के आखिरी दिन इन आठ क्लबों के मैचों के नतीजों पर ही निर्भर करेगा कि कौन-सी आठ टीमें सीधे अंतिम सोलह में पहुंचेंगी।
शीर्ष पर मौजूद आर्सेनल और दूसरे नंबर पर बायर्न म्यूनिख का स्थान पक्का है। तीसरे स्थान पर रियल मैड्रिड और चौथे स्थान पर लिवरपूल हैं, दोनों के 16 अंक हैं। पांचवें स्थान पर टोटेनहैम के 14 अंक हैं। इसके बाद शुरू होता है क्लब थर्टीन का समूह। छठे से चौदहवें स्थान तक क्रमशः पीएसजी, न्यूकैसल, चेल्सी, बार्सिलोना, स्पोर्टिंग, मैनचेस्टर सिटी, एटलेटिको मैड्रिड और इंटर मिलान हैं। इन सभी आठ टीमों के अंक 13 हैं। फर्क सिर्फ गोल अंतर का है। ये टीमें अपने आखिरी मैच में क्या नतीजा हासिल करती हैं, उसी पर निर्भर करेगा कि कौन सी टीमें शीर्ष आठ में रहेंगी।
इन सबके बीच खास नजर गुरु-शिष्य की टक्कर पर रहेगी। जब जोस मोरिन्हो रियल मैड्रिड के कोच थे, तब अल्वारो आर्बेलोआ उनके अधीन खेल चुके हैं। बुधवार रात आर्बेलोआ की टीम का सामना मोरिन्हो की रियल मैड्रिड से होगा। हालांकि आर्बेलोआ की टीम बेनफिका इस समय 29वें स्थान पर है इसलिए कई विशेषज्ञों का मानना है कि मोरिन्हो को ज्यादा चुनौती नहीं मिलेगी।
गणित के हिसाब से अगर लिवरपूल, रियल मैड्रिड और टोटेनहैम अपने आखिरी मैच हार जाते हैं, तो क्लब थर्टीन की कोई भी टीम उनकी जगह ले सकती है। हालांकि कोई भी यह नहीं मान रहा कि काराबाग या बेनफिका लिवरपूल या रियल मैड्रिड को हरा पाएंगे। वहीं पीएसजी और न्यूकैसल के बीच जो भी टीम जीतेगी, दूसरी टीम को अंतिम सोलह में पहुंचने के लिए प्ले-ऑफ खेलना होगा। अगर टोटेनहैम फ्रैंकफर्ट को हरा देता है, तो वह शीर्ष आठ में बना रहेगा, जो प्रीमियर लीग में 14वें स्थान पर मौजूद टीम के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।