कोलकाता: बंगाल सुपर लीग (BSL) में हावड़ा-हुगली वॉरियर्स के शानदार प्रदर्शन के पीछे कोच जोस रामिरेज़ बैरेटो की अहम भूमिका रही है। टीम एक मैच शेष रहते सुपर फोर में पहुंच चुकी है और अब बैरेटो का लक्ष्य साफ है—चैंपियन बनना। इस बीच कोच बैरेटो और मोहन बागान के पूर्व दिग्गज प्राण भोमरा ने युवा फुटबॉलर सुमन रॉय की जमकर तारीफ की है और उन्हें भविष्य में मोहन बागान की जर्सी में देखने की इच्छा जताई है।
कुछ दिन पहले जब बैरेटो से मोहन बागान के कोच बनने को लेकर सवाल किया गया था, तो उन्होंने इसे दूर की बात बताते हुए हंसी में टाल दिया था। हालांकि अब बड़े स्तर पर कोचिंग करते हुए टीम को सुपर फोर तक पहुंचाने के बाद बैरेटो मानते हैं कि उन्हें कोचिंग करने में काफी आनंद आ रहा है। उनका कहना है कि टीम का प्रदर्शन जितना बेहतर होता है, दबाव भी उतना ही बढ़ता है और वही दबाव उन्हें और अधिक जोश से काम करने के लिए प्रेरित करता है।
बैरेटो इससे पहले मुंबई में रिलायंस की यूथ टीम के कोच रह चुके हैं। इसके बाद वह ब्राज़ील लौट गए थे और उन्हें लगा था कि शायद दोबारा भारत आने का मौका नहीं मिलेगा। लेकिन बंगाल सुपर लीग की शुरुआत ने उन्हें एक बार फिर कोलकाता लौटने का अवसर दिया। यहां उन्होंने एक बड़ी चुनौती स्वीकार की और अब तक उस पर खरे उतरते नजर आ रहे हैं।
मोहन बागान के पूर्व दिग्गज प्राण भोमरा ने युवा फुटबॉलर सुमन रॉय की विशेष रूप से सराहना की। भोमरा के अनुसार, सुमन में बड़े क्लब के लिए खेलने की पूरी क्षमता है और उन्हें मोहन बागान के लिए खेलते हुए देखा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस टूर्नामेंट में कई युवा खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से सभी का ध्यान खींचा है।
कोच बैरेटो ने बंगाल सुपर लीग को युवा फुटबॉलरों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बताया। उनके मुताबिक, पहले कोलकाता लीग और अन्य प्रतियोगिताएं लंबे समय तक चलती थीं, जिससे खिलाड़ियों को लगातार मैच खेलने का मौका मिलता था। मौजूदा समय में BSL जैसे टूर्नामेंट उन खिलाड़ियों के लिए बेहतरीन अवसर हैं, जो खुद को साबित करना चाहते हैं।
फिलहाल बैरेटो की पूरी नजर खिताब जीतने पर टिकी है। 1 फरवरी को कल्याणी ग्राउंड में होने वाले फाइनल में जीत दर्ज कर वह अपनी कोचिंग यात्रा को यादगार बनाना चाहते हैं। इसके बाद भविष्य में मोहन बागान के डगआउट में उनकी मौजूदगी की उम्मीद भी मजबूत होती नजर आ रही है।