डिब्रूगढ़: किसी भी टूर्नामेंट में जो काम बहुत से कोच नहीं कर पाते, वह बंगाल टीम के कोच संजय सेन ने कर दिखाया है। असम में चल रही संतोष ट्रॉफी के ग्रुप लीग के पांच मैचों में संजय ने अपनी टीम के सभी 22 खिलाड़ियों को आजमाया है। पांच में से तीन मैच जीतकर और दो ड्रॉ खेलकर बंगाल 12 टीमों में सबसे ज्यादा अंक लेकर क्वार्टर फाइनल में पहुंचा है। पिछली बार की चैंपियन बंगाल को इसलिए इस बार भी खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।
इस बढ़त के बावजूद मंगलवार को क्वार्टर फाइनल में सर्विसेज के खिलाफ टीम में किसी तरह की आत्मसंतुष्टि न आए, इसे लेकर संजय सतर्क हैं। सोमवार को डिब्रूगढ़ से फोन पर संजय ने कहा कि उन्होंने खिलाड़ियों को बार-बार समझाया है कि जरा सी गलती भी बड़ी सजा दिला सकती है इसलिए गलती न करना ही टीम का मुख्य फोकस है।
बंगाल के कोच ने यह भी जोड़ा कि सर्विसेज ने टूर्नामेंट की शुरुआत में भले ही अच्छा प्रदर्शन नहीं किया हो लेकिन आखिरी मैच में केरल जैसी मजबूत टीम को हराकर वे अंतिम आठ में पहुंचे हैं, जो नॉकआउट मुकाबलों में उनके लिए ऑक्सीजन का काम करेगा। ऐसे में वे पूरी मजबूती से मुकाबले में उतरेंगे।
ग्रुप लीग के बाद 72 घंटे का समय मिलना संजय इसे टीम के लिए प्लस प्वाइंट मानते हैं। उनके मुताबिक, अतिरिक्त आराम से टीम काफी तरोताजा है और सभी 22 खिलाड़ियों को आजमाने के बाद अब वह सबसे बेहतरीन और फिट प्लेइंग इलेवन उतार सकेंगे। ढाकुआखाना में मैच की शुरुआत दोपहर दो बजे होगी।