तेहरानः जब ऑस्कर के मंच पर उनकी फ़िल्म की जीत का जश्न मनाने की तैयारियाँ चल रही हैं, ठीक उसी समय मशहूर पटकथा लेखक और मानवाधिकार कार्यकर्ता मेहदी महमूदियान तेहरान की जेल में बंद कर दिए गए। 2026 के ऑस्कर से महज़ कुछ हफ्ते पहले हुई इस घटना ने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी है।
कान फ़िल्म महोत्सव में ‘पाल्म द’ओर’ जीतने वाली फ़िल्म ‘इट वाज़ जस्ट एन एक्सीडेंट’ (It Was Just an Accident) के सह-लेखक हैं मेहदी। यह फ़िल्म 15 मार्च को होने वाले ऑस्कर समारोह में सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म और सर्वश्रेष्ठ पटकथा की दौड़ में शामिल है। लेकिन मेहदी का अपराध क्या है? ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के ख़िलाफ़ कलम उठाना।
हाल ही में ईरान में हुए भीषण सरकार-विरोधी आंदोलनों में लगभग 3,000 से ज़्यादा लोगों की मौत के लिए खामेनेई को ज़िम्मेदार ठहराते हुए एक खुले पत्र पर उन्होंने हस्ताक्षर किए थे। ग़ैर-सरकारी अनुमान के अनुसार यह संख्या 30,000 से भी अधिक हो सकती है। उस पत्र में कहा गया था कि इस जनसंहार की सीधी ज़िम्मेदारी सुप्रीम लीडर की है। इसके बाद ही उन पर दमन की गाज गिर पड़ी।
मेहदी के साथ मानवाधिकार कार्यकर्ता विदा रब्बानी और अब्दुल्ला मोमेनी को भी गिरफ़्तार किया गया है। वे भी उस खुले पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले 17 लोगों में शामिल थे।
फ़िल्म के निर्देशक और प्रसिद्ध फ़िल्ममेकर जाफ़र पनाही ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। जेल में रहते हुए ही उनकी मेहदी से मुलाक़ात हुई थी। पनाही ने कहा, “मेहदी सिर्फ़ एक लेखक नहीं हैं, वह ज़मीर की आवाज़ हैं।”
जब ऑस्कर की रौशनी में फ़िल्म चमक रही है, उसी समय उसके रचयिता के साथ हुआ यह सुलूक साबित करता है कि आज भी सत्तावादी शासन कलाकारों की स्वतंत्रता को कुचलने से पीछे नहीं हटते।