आनंदपुर के नजीराबाद में आखिर किसकी लापरवाही से भयानक आग लगी जिसमें इतनी सारी जिन्दगियां जलकर राख हो गयी? इस सवाल का जवाब ढूंढते हुए अब तक गिरफ्तार किए गए तीन लोगों से पुलिस पूछताछ कर रही है। जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनमें शामिल हैं डेकोरेटर कंपनी का मालिक गंगाधर दास और मोमो बनाने वाली कंपनी के दो अधिकारी।
पुलिस सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार गोदाम और उससे सटे कारखानों में अग्निशमन व्यवस्था, बिजली का कनेक्शन और ज्वलनशिल पदार्थों की उपस्थिति आदि के बारे में जारी जानकारियां हासिल की जा रही हैं।
लेकिन नरेंद्रपुर थाना को उम्मीद है कि दमकल और बिजली विभाग की रिपोर्ट से सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी। इस रिपोर्ट के आने का ही इंतजार किया जा रहा है। इस वजह से दोनों विभागों को अलग-अलग पत्र भी भेजा गया है। बताया जाता है कि रिपोर्ट मिलने के बाद जांच की दिशा तय की जाएगी।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नजीराबाद में डेकोरेटर्स के गोदाम से शुक्रवार तक 27 देहांशों को बरामद किया गया है। इनमें से मात्र एक शव ही अधजली अवस्था में है। बाकी के 26 शवों में सिर्फ जली हुई हड्डियों के कुछ अवशेष मिले हैं। सभी देहांशों को कांटापुकुर शवगृह में रखा गया है। वर्तमान में उनके DNA मैचिंग का काम चल रहा है।
गणतंत्र दिवस से महज 1 दिन पहले आधी रात यानी पिछले रविवार को लगी इस भीषण अग्निकांड से 5 मजदूर अपनी जान बचाकर भागने में सफल हो पाए थे। इनमें से अधिकांश पूर्व मिदनापुर के ही निवासी बताये जाते हैं।
बताया जाता है कि आग लगने के संभावित कारणों का पता लगाने के लिए जांच अधिकारी उनसे भी बात करने वाले हैं। हालांकि बारुईपुर जिला पुलिस के एक अधिकारी का कहना है कि बचकर वापस लौटे मजदूर अभी सदमे में हैं। कुछ दिनों बाद जब वे खौफ को दूर कर स्वाभाविक अवस्था में वापस लौट आएंगे उसके बाद उनसे बात की जाएगी।
दूसरी ओर इस मामले को लेकर राजनैतिक खींचतान शुरू हो चुकी है। शुक्रवार को ही विरोधी पार्टी के नेता शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में नरेंद्रपुर में भाजपा ने रैली निकाली। थाना में ज्ञापन भी सौंपा गया। इस रैली में डिजे बॉक्स बजाने का आरोप लगाया गया जिसके विरोध में शनिवार को इलाके में तृणमूल ने रैली निकाली।
स्थानीय विधायक फिरदौसी बेगम और नजरुल मंडल के नेतृत्व में निकाली गयी इस रैली में भाजपा के आचरण को अमानवीय करार दिया गया। शनिवार को कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल भी नजीराबाद में घटनास्थल पर गया था।
हालांकि अपनो को खो बैठे परिजनों की आंखों और उनके जुबान पर एक ही सवाल तैर रहा है - अपनो के देहांश पाने के लिए और कितने दिनों का इंतजार करना होगा? प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार DNA मैचिंग की प्रक्रिया खत्म होने के बाद जल्द से जल्द देहांशों को परिजनों को सौंप दिए जाएंगे।