सुबह उठते ही एक कप ग्रीन टी न पीएं तो दिन शुरू नहीं होता। कुछ लोगों के लिए चाय की जगह कॉफी ले लेती है। कई लोगों को कॉफी पीते ही पेट की समस्या हो जाती है, चाहे वह ब्लैक ही क्यों न हो। आजकल युवा पीढ़ी जापानी माचा टी भी आजमा रही है लेकिन आपकी आंत के लिए क्या बेहतर है, यह समझें कैसे?
सिर्फ पेट ही नहीं, गट या आंत का शरीर के कई अंगों से संबंध है। पाचन से जुड़ी अधिकतर बातें आंत पर निर्भर करती हैं। शरीर कितनी मात्रा में पोषक तत्व अवशोषित करेगा, रोग प्रतिरोधक क्षमता कैसी होगी, मेटाबॉलिज्म और मानसिक स्वास्थ्य— सब कुछ आंत की कार्यप्रणाली पर निर्भर करता है। डॉक्टरों का कहना है कि आंत को स्वस्थ रखने के लिए कोई एक निश्चित भोजन या पेय नहीं है। हर व्यक्ति की आंत अलग तरह से प्रतिक्रिया करती है। जो चीज किसी और को नुकसान नहीं पहुंचाती, वही आपके लिए समस्या बन सकती है।
ब्लैक कॉफी Ei Samay
1) ब्लैक कॉफी
कई शोध बताते हैं कि आंत को स्वस्थ रखने के लिए ब्लैक कॉफी फायदेमंद हो सकती है। कैफीन गैस्ट्रिक जूस के स्राव को बढ़ाने में मदद करती है। कई मामलों में कॉफी पीने से बाउल मूवमेंट भी बेहतर होता है लेकिन सभी लोग कॉफी नहीं पी सकते। जिन लोगों को गैस्ट्रोएसोफेजियल रिफ्लक्स डिजीज, गैस्ट्राइटिस, फंक्शनल डिस्पेप्सिया या इरिटेबल बाउल सिंड्रोम है, उनके लिए कॉफी समस्या बढ़ा सकती है।
ग्रीन टी Ei Samay
2) ग्रीन टी
ग्रीन टी आंत में मौजूद माइक्रोबायोम या अच्छे बैक्टीरिया की संख्या बढ़ाने में मदद कर सकती है। यह सूजन को भी नियंत्रित करती है और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है इसलिए आंत की सेहत के लिए ग्रीन टी अच्छा विकल्प हो सकती है। जिन्हें एसिडिटी की समस्या है, उनके लिए यह कॉफी से बेहतर विकल्प हो सकता है लेकिन ज्यादा मात्रा में ग्रीन टी पीना भी सही नहीं है। पोषण विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार सीमित मात्रा में ही इसका सेवन करना चाहिए।
माचा टी Ei Samay
3) माचा टी
फिल्मी सितारों और हेल्थ इन्फ्लुएंसर्स से प्रेरित होकर कई लोग माचा टी पी रहे हैं। जापान की यह खास चाय कैटेचिन और अन्य बायोएक्टिव कंपाउंड से भरपूर होती है। इसमें अमीनो एसिड भी होते हैं, जो तनाव कम करने में मदद करते हैं लेकिन जिनकी आंत बहुत संवेदनशील है, उन्हें माचा टी से परहेज करना चाहिए।