वजन कम करने के लिए कई सालों से ‘नो कार्ब’ डाइट लोकप्रिय है। इस डाइट को अपनाकर कई लोगों ने अच्छे नतीजे देखे हैं। इस सूची में अभिनेत्री शेफाली शाह का नाम भी शामिल है। हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि उन्होंने लगातार तीन महीने तक कोई भी कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन नहीं लिया। मुख्य रूप से वजन घटाने के लिए ही शेफाली ने यह डाइट अपनाई।
अभिनेत्री कहती हैं, “वजन कम करने के लिए मैंने तीन महीने तक कोई कार्बोहाइड्रेट नहीं खाया लेकिन जिस दिन मैंने पहली बार कार्ब्स लिया, उस दिन मैंने पूरे बच्चों जैसी नींद ली। मस्तिष्क के लिए भी कार्ब्स जरूरी हैं, केवल प्रोटीन पर निर्भर रहकर नहीं चल सकते।” शरीर को ऊर्जा केवल प्रोटीन से नहीं मिलती, कार्बोहाइड्रेट की भी महत्वपूर्ण भूमिका है लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि आप किस प्रकार के कार्ब्स ले रहे हैं।
कार्बोहाइड्रेट के प्रकार:
अगर कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन खाना बंद कर दिया जाए तो शरीर में ‘कीटोसिस’ प्रक्रिया शुरू हो जाती है। इस अवस्था में शरीर वसा (फैट) को पिघलाकर ऊर्जा उत्पन्न करता है लेकिन अगर शरीर में कार्बोहाइड्रेट की कमी हो जाए तो गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। सिर चकरा सकता है, शरीर अत्यंत कमजोर हो जाता है और मूड चिड़चिड़ा हो जाता है। वहीं, कई बार गलत प्रकार के कार्बोहाइड्रेट लेने से रक्त में शुगर का स्तर बढ़ सकता है इसलिए सही प्रकार के कार्बोहाइड्रेट का चयन करना बहुत जरूरी है। कार्बोहाइड्रेट दो प्रकार के होते है:-
कॉम्प्लेक्स कार्ब्स: यह स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं। इन्हें “अच्छे” कार्ब्स भी कहा जाता है। ये अनाज, फल, नट्स और बीजों में पाए जाते हैं। इनमें फाइबर भी होता है। ओट्स, दलिया और दाल खाने से शरीर को पर्याप्त ऊर्जा मिलती है और वजन नियंत्रित रहता है।
सिंपल कार्ब्स: यह चीनी युक्त और मैदे के बने भोजन में पाए जाते हैं, जैसे ब्रेड, पास्ता, नूडल्स, केक आदि। ये स्वास्थ्य के लिए लाभकारी नहीं हैं। इसलिए कार्ब्स पूरी तरह बंद करने के बजाय सही प्रकार के कार्ब्स का चयन करना जरूरी है। शेफाली शाह का अनुभव यह सिखाता है कि शरीर और मस्तिष्क दोनों के लिए कार्बोहाइड्रेट आवश्यक हैं। सही कार्ब्स चुनकर ही स्वस्थ वजन और ऊर्जा बनी रहती है।