जैसी आशंका जतायी जा रही थी, हुआ भी कुछ ऐसा ही। अंतिम मतदाता सूची से और भी काफी लोगों के नाम हटाए गए हैं। मतदाता सूची का मसौदा जब जारी किया गया था तब लगभग 58 लाख लोगों के नाम हटाए गए थे जिनमें मृतक, फर्जी, अस्थायी रूप से स्थानांतरित और अनुपस्थित मतदाता भी शामिल थे।
लेकिन अब दस्तावेजों की जांच के बाद बताया जाता है कि और भी काफी संख्या में लोगों का नाम अंतिम मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ऑफिस सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार दस्तावेजों की जांच करने के बाद करीब 12 लाख मतदाताओं का नाम हटाया जा सकता है।
किन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं?
- Ineligible - स्क्रुटनी के बाद माइक्रो ऑब्जर्वर ने चुनाव आयोग से जिन 4,44,970 मतदाताओं के दस्तावेजों के अयोग्य होने की बात कही।
- जिन 4,66,323 लोगों का जिलाधिकारी द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन बाकी है।
- रि-वेरिफिकेशन के लिए माइक्रो ऑब्जर्वर ने ERO/AERO के पास करीब 20 लाख दस्तावेजों को भेजा गया है।
- ERO-AERO के पास अभी भी करीब 20 लाख मतदाताओं का दस्तावेज है, जिसके बारे में अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है।
- लगभग 7 लाख ऐसे मतदाता हैं जो सुनवाई के लिए नहीं पहुंचे।
बताया जाता है कि अगर 28 फरवरी को राज्य में अंतिम मतदाता सूची को जारी नहीं किया जाता है तो फिर से समय सीमा बढ़ाने की मांग करते हुए राज्य के CEO चुनाव आयोग के पास आवेदन करेंगे। इस बारे में राज्य के CEO ऑफिस की ओर से बताया गया है कि दस्तावेजों के निपटारे का काम पूरी तरह से ERO/AERO पर ही निर्भर कर रहा है।
21 फरवरी को दस्तावेजों के निपटारे की समय सीमा निर्धारित की गयी है। इसलिए अगर यह समय सीमा पार हो जाती है तो संभावना जतायी जा रही है कि अंतिम मतदाता सूची के जारी होने की तारीख भी टल सकती है।