फैटी लिवर की समस्या अब आम होती जा रही है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद की एक स्टडी के अनुसार देश के लगभग 40 प्रतिशत लोग नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर से जूझ रहे हैं। वहीं यूरोपीय हृदयवाहिनी चिकित्सा जर्नल में भी बताया गया है कि इस बीमारी के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
फैटी लिवर एक लाइफस्टाइल डिजीज है। शराब से ज्यादा जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड इसके लिए जिम्मेदार माने जाते हैं। निष्क्रिय जीवनशैली, मोटापा और डायबिटीज जैसी समस्याएं भी इस बीमारी का खतरा बढ़ाती हैं। हालांकि संतुलित आहार और नियमित व्यायाम से इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। ये 5 खाद्य पदार्थ विशेष रूप से फायदेमंद हो सकते हैं।
ब्लैक कॉफी
ब्लैक कॉफी लिवर के लिए लाभकारी मानी जाती है। इसमें मौजूद कैफीन लिवर में जमा फैट को कम करने और लिवर संबंधी रोगों के जोखिम को घटाने में मदद करता है। यह वजन नियंत्रण में भी सहायक है। दिन में 3 से 4 कप ब्लैक कॉफी का सेवन फायदेमंद हो सकता है।
ब्लूबेरी
ब्लूबेरी को सुपरफूड कहा जाता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो सूजन कम करने और लिवर कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। यह फैटी लिवर समेत कई बीमारियों के जोखिम को कम कर सकती है।
आंवला
ब्लूबेरी हर जगह आसानी से उपलब्ध नहीं होती, लेकिन आंवला लगभग पूरे साल मिल जाता है। इसमें विटामिन सी भरपूर मात्रा में होता है, जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम करता है और लिवर को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
एवोकाडो
लाइफस्टाइल डिजीज में सैचुरेटेड और ट्रांस फैट से बचना जरूरी है, लेकिन हेल्दी फैट लेना भी आवश्यक है। एवोकाडो हेल्दी फैट का अच्छा स्रोत है। यह मेटाबॉलिज्म सुधारता है और लिवर कोशिकाओं को सुरक्षित रखने में मदद करता है।
हल्दी और काली मिर्च
हल्दी में मौजूद करक्यूमिन शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व है लेकिन करक्यूमिन के बेहतर अवशोषण के लिए काली मिर्च के साथ इसका सेवन जरूरी है। दोनों को साथ में लेने से फैटी लिवर समेत कई बीमारियों का जोखिम कम हो सकता है।