नई दिल्ली : भारत से अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा में नया रिकॉर्ड बन गया है। 2025 के अक्टूबर से दिसंबर त्रैमासिक में पहली बार यात्री संख्या 2 करोड़ की सीमा पार कर गई। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) के अनुसार इस दौरान अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
साल 2025 में पूरे वर्ष में अंतरराष्ट्रीय यात्री संख्या में मजबूत वृद्धि देखी गई। पिछले साल कुल 7.8 करोड़ यात्री भारत में आए और गए। 2024 में यह संख्या 7.2 करोड़ थी। यानी एक साल में लगभग 8 प्रतिशत वृद्धि हुई।
हालांकि सभी मार्गों पर समान वृद्धि नहीं देखी गई। छात्र और H–1B वीजा सहित विभिन्न वीजा समस्याओं के कारण अमेरिका जाने वाली यात्रा अपेक्षाकृत कम रही। इसके अलावा कनाडा के वीजा अस्वीकृति दर अधिक होने और अनुमोदन में देरी का भी प्रभाव पड़ा। साथ ही 2025 के जून में अहमदाबाद में एयर इंडिया की उड़ानों में 171 दुर्घटनाओं के बाद इस कंपनी ने कुछ उड़ानें कम कीं, जिसका असर भी पड़ा।
विदेशी एयरलाइंस के पास बाजार हिस्सेदारी का 54 प्रतिशत है, क्योंकि भारत ने कई देशों की एयरलाइन उड़ान अधिकार नहीं बढ़ाई है। हालांकि भारतीय एयरलाइंस के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। पहले एयर इंडिया ग्रुप अंतरराष्ट्रीय यात्री परिवहन में शीर्ष पर था, लेकिन 2025 के जुलाई–सितंबर त्रैमासिक से इंडिगो ने यात्री संख्या के मामले में एयर इंडिया को पीछे छोड़ दिया।
आंकड़ों के अनुसार विदेशी एयरलाइंस में यात्री संख्या 2024 के 3.9 करोड़ से बढ़कर 2025 में 4.2 करोड़ हो गई। वहीं भारतीय एयरलाइंस में यात्री संख्या 3.3 करोड़ से बढ़कर 3.6 करोड़ हुई।
विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर अमेरिका को छोड़कर दुनिया के लगभग सभी क्षेत्रों में भारतीय यात्रियों की मांग तेजी से बढ़ रही है। भारतीय पर्यटक अधिक खर्च करते हैं, इसलिए कई देश उन्हें आकर्षित करने में रुचि दिखा रहे हैं।