नई दिल्लीः देश में सोने की बढ़ती कीमतों को लेकर उठ रही चर्चाओं के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने सोमवार को कहा कि सरकार सोने की कीमतों पर लगातार नजर रखे हुए है। फिलहाल दाम “कुछ निर्धारित सीमाओं” से आगे नहीं बढ़े हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत में सोना पारंपरिक रूप से घरेलू निवेश का प्रमुख साधन रहा है। त्योहारों के दौरान इसकी कीमतों में मौसमी तेजी देखी जाना सामान्य प्रवृत्ति है।
वित्त मंत्री ने यह बयान भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के केंद्रीय निदेशक मंडल के साथ बजट के बाद होने वाली पारंपरिक बैठक के पश्चात आयोजित प्रेस वार्ता में दिया। बैठक में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा (Sanjay Malhotra)भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि त्योहारों और विवाह सीजन में सोने की मांग बढ़ने से कीमतों में उछाल आता है। वर्तमान में ऐसा कोई संकेत नहीं है कि दाम असामान्य स्तर पर पहुंच गए हों। सरकार स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।
RBI गवर्नर ने भी वित्त मंत्री के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि हाल के समय में सोने की कीमतों में वृद्धि जरूर हुई है। इसके आयात के ऑर्डर मूल्य में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज नहीं की गई है। इससे संकेत मिलता है कि कीमतों में तेजी के बावजूद आयात पर अत्यधिक दबाव नहीं बना है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंक अर्थव्यवस्था की उत्पादक जरूरतों के लिए पर्याप्त तरलता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, ऋण उपलब्धता के विषय में उन्होंने कहा कि Reserve Bank of India के पास पर्याप्त लिक्विडिटी है और देश की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त क्रेडिट उपलब्ध है। उनका कहना था कि अगले पांच वर्षों तक के लिए ऋण उपलब्धता सुनिश्चित है और अर्थव्यवस्था की मांगों को पूरा करने में कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी।
सकल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को लेकर भी सकारात्मक संकेत दिए गए। RBI गवर्नर ने कहा कि FDI का प्रवाह मजबूत बना हुआ है। पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी वृद्धि दर संतोषजनक रही है। उन्होंने कहा कि देश के पास पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार है, जो वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच स्थिरता प्रदान करता है और निवेशकों का विश्वास बनाए रखता है।
अमेरिका से जुड़े संभावित टैरिफ मुद्दे पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में वित्त मंत्री ने कहा कि इस विषय की समीक्षा वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय कर रहा है। उन्होंने इस पर तत्काल कोई टिप्पणी करने से परहेज करते हुए कहा कि स्थिति का आकलन किया जा रहा है और आवश्यक होने पर उचित कदम उठाए जाएंगे।
बजट के बाद RBI के केंद्रीय निदेशक मंडल के साथ हुई इस पारंपरिक बैठक में व्यापक आर्थिक परिदृश्य, मौद्रिक स्थिति, तरलता प्रबंधन, निवेश प्रवाह और वित्तीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। सरकार और केंद्रीय बैंक दोनों ने संकेत दिया कि देश की आर्थिक बुनियाद मजबूत है, बैंकिंग व्यवस्था स्थिर है और सोने की कीमतों को लेकर फिलहाल किसी असाधारण चिंता की आवश्यकता नहीं है।