SIR के दस्तावेजों की जांच के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट द्वारा नियुक्त न्यायाधीशों को सुप्रीम कोर्ट ने निगरानी का आदेश दिया था। सोमवार की सुबह से ही यह काम शुरू होने वाला था। लेकिन सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार की शाम तक समस्याएं दूर नहीं हुई। ऐसी स्थिति में हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पाल ने आनन-फानन में बैठक बुलायी।
मिली जानकारी के अनुसार सोमवार की शाम को 5 बजे कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के साथ राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल, राज्य के CEO ऑफिस के उच्च स्तरीय अधिकारी, राज्य के मुख्य सचिव, राज्य के डीजीपी, कोलकाता के सीपी और राज्य के एडवोकेट जनरल व केंद्रीय एडिशनल सॉलिसिटर जनरल भी मौजूद रहे। यह बैठक वर्चुअली हुई जिसमें सभी जिलों के डिस्ट्रीक्ट जज भी मौजूद थे।
चुनाव आयोग सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार को विभिन्न जिलों में SIR के दस्तावेजों की जांच और निपटारे का काम जिला जजों ने शुरू किया है। हाई कोर्ट के आदेश पर जेशप बिल्डिंग में संबंधित जजों ने यह काम शुरू कर दिया। न्यायाधीशों को इस काम में कौन-कौन सी समस्याओं का सामना करना पड़ा इस बारे में ही बात करने की संभावना जतायी गयी थी।
इसके साथ ही इस बैठक में यह मुद्दा भी उठाने की संभावना जतायी गयी थी कि क्या कोर्ट इस बात पर विचार कर रहा है कि बंगाल में हर विधानसभा के लिए अभी भी पर्याप्त ज्यूडिशियल अधिकारी क्यों नहीं हैं।
दूसरी तरफ आयोग ने शुरू में कहा था कि जजों को करीब 45 लाख मतदाताओं के दस्तावेजों का सत्यापन और निपटारा करना होगा। हालांकि आयोग सूची जारी करने की बात तो कही थी लेकिन यह संख्या 45 लाख या उससे अधिक है, इस बारे में कुछ भी सार्वजनिक नहीं किया गया है। इस वजह से अभी भी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि जजों को कितने लाख वोटरों के बारे में फैसला करना होगा।