साल 2021...जून का महीना...दिन शुक्रवार! एक ओर सूरज अपनी तेज गर्मी बरसा रहा था और दूसरी ओर कोरोना काल का भयावह अध्याय। जून की तपती दोपहर में बंगाल में राजनीति का पारा भी चढ़ रहा था क्योंकि लगभग साढे 3 सालों से अधिक का समय भाजपा में बिताने के बाद तृणमूल में हो रही थी मुकुल राय (Mukul Roy) की हो रही थी 'घर वापसी'।
माइक्रोफोन लेकर खड़े होने की कोशिश करते वरिष्ठ नेता मुकुल राय का हाथ पकड़कर अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) उन्हें कुर्सी पर बैठने का अनुरोध करते दिखे थे। यहीं वह दिन था जब 'अलगाव' की सारी अफवाहों को खत्म कर बंगाल की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हुई थी।
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23 फरवरी 2026 को लंबी बीमारियों के बाद मुकुल राय का निधन हो गया। तृणमूल कांग्रेस के 'फाउंडिंग पिलर' मुकुल राय के निधन पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर पोस्ट किया।
The demise of Mukul Roy marks the end of an era in Bengals political history. A veteran leader with vast experience. His contributions helped shape an important phase of the states public and political journey.
— Abhishek Banerjee (@abhishekaitc) February 23, 2026
As a founding pillar of the All India Trinamool Congress, he was
अपने पोस्ट में अभिषेक बनर्जी ने लिखा है कि बंगाल के राजनैतिक इतिहास में एक युग का समापन हो गया। वह अनुभवी एक वरिष्ठ नेता थे। राज्य के जनजीवन और राजनैतिक यात्रा के एक महत्वपूर्ण अध्याय के गठन में उन्होंने मदद की थी। उन्होंने संगठन के शुरुआती सालों में इसे बढ़ाने और मजबूत बनानें में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी।
आम जनता उनकी निष्ठा को श्रद्धा के साथ याद करेगी। अभिषेक बनर्जी ने आगे लिखा कि राष्ट्रीय तृणमूल कांग्रेस प्रतिष्ठाता स्तंभ के तौर पर मुकुल राय ने पार्टी के शुरुआती सालों में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी। उनके परिवार, मित्रों, समर्थकों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। उनकी आत्मा की शांति के लिए मैं प्रार्थना करता हूं।
बता दें, मुकुल राय के बेटे शुभ्रांशु राय ने मीडिया से हुई बातचीत में कहा कि तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने उन्हें फोन किया था। उन्होंने ही सारी व्यवस्थाएं कर दी है। शुभ्रांशु ने कहा कि संभवतः मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर ही अभिषेक बनर्जी ने उन्हें फोन किया था।