जयपुरः राजस्थान की राजधानी जयपुर में चित्रकूट थाना पुलिस और साइबर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने ऑपरेशन “वज्र प्रहार” के तहत कार्रवाई करते हुए पांच साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है, जिनका नेटवर्क नेपाल और UAE तक फैला हुआ बताया जा रहा है। आरोपी जयपुर से कॉल सेंटर संचालित कर देशभर के लोगों को निशाना बना रहे थे और ठगी की रकम विदेशों तक पहुंचाई जा रही थी।
पुलिस के अनुसार साइबर टीम के पूरणमल और रौशन को सूचना मिली थी कि चित्रकूट इलाके के एक फ्लैट में अवैध कॉल सेंटर चलाकर ऑनलाइन ठगी की जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने दबिश दी और मौके से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से 83 हजार रुपये नकद, 11 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक iPad, नौ बैंक पासबुक, 12 एटीएम कार्ड, तीन क्रेडिट कार्ड तथा करोड़ों रुपये के ऑनलाइन लेनदेन से जुड़ा हिसाब-किताब बरामद किया गया।
आरोपी ऑनलाइन गेमिंग और सट्टे के नाम पर लोगों को झांसे में लेते थे
जांच में सामने आया कि आरोपी ऑनलाइन गेमिंग और सट्टे के नाम पर लोगों को झांसे में लेते थे। सोशल मीडिया पर “कैश जीतो” नाम से विज्ञापन चलाकर लोगों को फर्जी वेबसाइट और गेमिंग प्लेटफॉर्म पर निवेश करने के लिए उकसाया जाता था। इसके बाद उनसे बड़ी रकम ठग ली जाती थी। गिरोह न केवल जयपुर और राजस्थान बल्कि देशभर के सैकड़ों लोगों को अपना शिकार बना चुका है।
सभी आरोपी आपस में दोस्त हैं
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनूप, अब्दुल, सिद्धार्थ, श्रावण और सुनील के रूप में हुई है, जो नागौर जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। सभी आरोपी आपस में दोस्त हैं और साइबर ठगी का गैंग बनाकर जयपुर आकर फ्लैट किराए पर लेकर कॉलिंग के जरिए लोगों को फंसाते थे। पुलिस के अनुसार आरोपी नेपाल और UAE में सक्रिय साइबर ठगों के संपर्क में थे और अंतरराष्ट्रीय लिंक की भी जांच की जा रही है। दूसरी ओर जयपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन गेमिंग, सट्टा या जल्दी पैसा कमाने के लालच वाले विज्ञापनों से सावधान रहें। किसी भी संदिग्ध लिंक या निवेश ऑफर पर भरोसा न करें। यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।