जयपुरः राजस्थान के झालावाड़ में बॉलीवुड सुपरस्टार ऋतिक रोशन और मशहूर कोल्ड ड्रिंक कंपनी माउंटेन ड्यू (Mountain Dew) एक कानूनी पचड़े में फंस गए हैं। झालावाड़ उपभोक्ता न्यायालय ने एक परिवाद पर सुनवाई करते हुए अभिनेता और कंपनी दोनों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। यह पूरा मामला टेलीविजन पर दिखाए जाने वाले उन विज्ञापनों से जुड़ा है, जिनमें उत्पाद के सेवन से 'असाधारण स्फूर्ति और एनर्जी' मिलने का दावा किया जाता है। कोर्ट ने प्रारंभिक तथ्यों को गंभीरता से लेते हुए ऋतिक रोशन और कोल्ड ड्रिंक निर्माता कंपनी को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं।
एडवोकेट ने खुद पर किया 'प्रयोग', फिर पहुंचे कोर्ट
इस कानूनी कार्रवाई की शुरुआत झालावाड़ बार एसोसिएशन के सदस्य एडवोकेट गुरचरण सिंह द्वारा दायर एक परिवाद से हुई। एडवोकेट सिंह का आरोप है कि टीवी पर प्रसारित होने वाले विज्ञापनों में माउंटेन ड्यू पीने से शरीर में ऊर्जा का संचार होने और डर पर जीत पाने जैसे जो दावे किए जाते हैं, वे हकीकत से कोसों दूर हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने विज्ञापन से प्रभावित होकर खुद इस उत्पाद का उपयोग किया, लेकिन उन्हें विज्ञापनों में किए गए दावों जैसा कोई भी परिणाम नहीं मिला। उनका आरोप है कि यह प्रचार पूरी तरह निराधार है और केवल उपभोक्ताओं को गुमराह करने के लिए तैयार किया गया है।
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत गंभीर आरोप
एडवोकेट गुरचरण सिंह ने न्यायालय के समक्ष तर्क दिया कि यह मामला उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 2(28) के तहत स्पष्ट रूप से 'भ्रामक विज्ञापन' की श्रेणी में आता है। परिवाद में कहा गया है कि सेलिब्रिटी की लोकप्रियता का फायदा उठाकर गलत दावों के माध्यम से आम जनता को आकर्षित करना और उत्पाद की बिक्री बढ़ाना न केवल अनैतिक है, बल्कि कानूनी रूप से अपराध भी है। उपभोक्ता न्यायालय के सदस्य ने मामले की प्रारंभिक सुनवाई में इन तथ्यों को प्रथम दृष्टया सही माना है, जिसके बाद सुपरस्टार और कंपनी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।
जिले में छिड़ी बहस, कानूनी कार्रवाई की तलवार
झालावाड़ में इस मामले ने जोर-शोर से चर्चा बटोरी है और उपभोक्ता अधिकारों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजरें अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां ऋतिक रोशन और माउंटेन ड्यू कंपनी को अपना आधिकारिक जवाब पेश करना होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि न्यायालय में भ्रामक विज्ञापन के आरोप सिद्ध हो जाते हैं, तो कंपनी के साथ-साथ विज्ञापन करने वाले सेलिब्रिटी पर भी भारी जुर्माना या कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल, इस नोटिस ने विज्ञापनों की दुनिया और मशहूर हस्तियों की जिम्मेदारी पर सवालिया निशान लगा दिया है।