रविवार की सुबह 8 संदेहास्पद आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच अधिकारियों ने इन्हें बतौर हैंडलर चिह्नित किया है। जांच अधिकारियों का दावा है कि शब्बीर अहमद लोन के नाम से परिचित उक्त हैंडलर के साथ 26 नवंबर (26/11) को मुंबई में हुए आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ता हाफिज सईद और सीनियर कमांडर जाकी-उर-रहमान लखवी का संपर्क है।
एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि शब्बीर अहमद लोन एक कश्मीरी आतंरवादी है जो वर्तमान में बांग्लादेश में रह रहा है। वह साल 2007 से ही लश्कर के प्रमुख आतंकियों के साथ संपर्क में है। जांच अधिकारी सूत्रों के हवाले से उक्त मीडिया रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं।
दावा किया जाता है कि पाकिस्तान की जासूसी संस्था ISI आतंकवादी हमले के लिए भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को नियुक्त करने की कोशिश कर रही है। आरोप लगाया जा रहा है कि ISI हमले की योजना के लिए आर्थिक मदद भी कर रहा है।
जांच अधिकारियों का दावा है कि ISI और बांग्लादेश की चरमपंथी संगठनों के इशारों पर ही दिल्ली में एक बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देने की योजना बनायी जा रही थी। इस योजना के साथ संबंध होने के आरोप में ही इन 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आज तक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु से इन आठों संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। बताया जाता है कि इन अभियुक्तों के पास से 12 से अधिक मोबाइल फोन और 16 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।
जिन 8 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है उनमें तमिलनाडु के तिरुपुर जिले में कपड़ा बनाने के एक कारखाना से मिजानुर रहमान, मो. शबत, उमर, मो. लिटन, मो. शाहिद और मो. उज्जवल को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा 2 संदिग्धों की गिरफ्तारी पश्चिम बंगाल से हुई है। बताया जाता है कि सभी संदिग्ध अपनी पहचान को छिपाने के लिए फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर रहे थे। गिरफ्तार 8 संदिग्धों में से 7 बांग्लादेशी नागरिक बताए जाते हैं। गिरफ्तार किए गए सभी संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।
मीडिया रिपोर्ट में दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के एडिशनल सीपी प्रमोद कुशवाहा ने बताया कि तमिलनाडु से गिरफ्तार 6 संदिग्धों पर आतंकवादियों की मदद के लिए भारत के अलग-अलग शहरों में रेकी करने का आरोप है। आरोपियों के मोबाइल की जांच में कई रेकी के वीडियो बरामद हुए हैं जिनसे पता चलता है कि वे हथियार जुटाने और संभावित हमलों की तैयारियां कर रहे थे।
इन घटनाओं के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियों ने जनता से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस या आपातकालिन सेवाओं को देने का अनुरोध किया है।