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पैर में लगी गोली… फिर भी मिशन पूरा! किश्तवाड़ ऑपरेशन का साइलेंट वॉरियर बना टायसन

ऑपरेशन के ए-ज़ोन में दुश्मन की गोली लगने के बावजूद टाइसन अपने मिशन पर डटा रहा।

By Moumita Bhattacharya

Feb 22, 2026 23:35 IST

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन 'त्राशी' चलाया। इस ऑपरेशन में सुरक्षाबलों ने पाकिस्तान के जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े 3 आतंकियों को ढेर कर दिया। लेकिन सुरक्षाबलों के अलावा इस ऑपरेशन में एक साइलेंट हीरो उभरकर सामने आया है। किश्तवाड़ के छातरु के घने जंगल, जहां कुछ मीटर की दूरी पर चीजें साफ दिखाई नहीं देती है। इतने घुप्प अंधेरे को चीरते हुए लगातार आगे बढ़ती दो चमकदार आंखें। अपनी शानदार सूंघने की ताकत को काम में लगाकर लगातार लक्ष्य की ओर बढ़ते 4 कदम।

हम इस ऑपरेशन के जिस साइलेंट हीरो की बात कर रहे हैं वह कोई सैनिक की नहीं बल्कि स्पेशल स्निफर डॉग टायसन है। ऑपरेशन के ए-ज़ोन में दुश्मन की गोली लगने के बावजूद टायसन अपने मिशन पर डटा रहा। टायसन को फॉलो करते हुए ही पैरा स्पेशन फोर्स के जवान अपने लक्ष्य तक पहुंच सकें और छातरु के जंगलों में छिपे तीन आतंकवादियों का सफाया कर सकें।

नहीं मानी हार और पहुंचाया लक्ष्य तक

Money Control की मीडिया रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि ऑपरेशन क्षेत्र में आतंकवादियों की मौजूदगी के संकेत टायसन ने बहुत पहले ही दे दिया था। बताया जाता है कि जब जवान घने जंगल में आगे बढ़ रहे थे उसी समय आतंकवादियों के ठिकाने का पता लगाने के लिए टायसन दस्ते से आगे निकल गया।

इसी दौरान दुश्मनों की गोली उसके पैरों में लगी। गोली लगने के बावजूद टायसन ने हार नहीं मानी और न ही वह रुका। वह आगे बढ़ता रहा और ऑपरेशन में लगातार मदद करता रहा। घायल होने के बावजूद उसने दस्ते के जवानों को आतंकवादियों के ठिकानों तक पहुंचने में मदद की।

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अस्पताल में चल रहा इलाज

बताया जाता है कि टायसन को एयरलिफ्ट कर उधमपुर के आर्मी अस्पताल में लाया गया जहां उसका इलाज चल रहा है। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बतायी जाती है और वह धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहा है। मीडिया रिपोर्ट में सेना के अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि टायसन इससे पहले भी कई बड़े ऑपरेशनों में हिस्सा ले चुका है। संदिग्ध जगहों को पहचानने, सर्च मिशन के दौरान आतंकवादियों का पता लगाने के लिए उसे खास प्रशिक्षण दिया गया है। उसने कई बार दुर्गम इलाकों में भी सैनिकों की मदद की है।

महत्वपूर्ण रहा ऑपरेशन

किश्तवाड़ के जंगलों में हुआ यह एनकाउंटर सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता मानी जा रही है। बताया जाता है कि इस ऑपरेशन में जैश-ए-मोहम्मद का कमांडर सैफुल्लाह समेत 3 आतंकी ढेर हो गए। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि सैफुल्लाह पाकिस्तानी नागरिक था और पिछले कई सालों से वह डोडा-किश्तवाड़ इलाकों में सक्रिय था।

वह कई आतंकवादी हमलों की साजिश में शामिल रह चुका था। सेना के अधिकारियों ने बताया कि इस ऑपरेशन में मौके से असॉल्ट राइफल और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया गया है। सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि यह ऑपरेशन इलाके में चल रही आतंकी गतिविधियों के लिए एक बड़ा झटका है।

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