नई दिल्लीः पटियाला हाउस कोर्ट ने भारत मंडपम में आयोजित एआई शिखर सम्मेलन के दौरान शुक्रवार को किए गए विरोध प्रदर्शन के मामले में आज युवा कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं कृष्णा हरि, कुंदन यादव, अजय कुमार और नरसिंह को 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। अदालत ने उनकी जमानत याचिकाएं भी खारिज कर दीं।
शुक्रवार को भारत मंडपम में आयोजित एआई शिखर सम्मेलन के दौरान जिस समय ये विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, वहां अंतरराष्ट्रीय नेता और गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। चारों ‘इंडिया-यूएस ट्रेड डील कॉम्प्रोमाइज्ड’ लिखी टी-शर्ट पहने हुए थे।
दिल्ली पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रविरोधी नारे लगाए गए और देश की अंतरराष्ट्रीय छवि खराब करने की कोशिश की गई। पुलिस ने कहा कि अभियुक्तों ने नेपाल के जेन-ज़ी शैली के विरोध की तर्ज पर प्रदर्शन किया। उन्हें पकड़ने के दौरान तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी से रोकने, सरकारी कर्मचारी पर हमला, घृणास्पद भाषण और आपराधिक साजिश सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है।
पुलिस का कहना है कि साजिश की गहराई से जांच, मौके से फरार अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी, मोबाइल फोन की बरामदगी तथा संभावित फंडिंग की जांच के लिए हिरासत जरूरी है। चारों अलग-अलग स्थानों से आए थे और उन्होंने टी-शर्ट छपवाई थी, इसलिए जांच के लिए समय चाहिए।
रिमांड का विरोध करते हुए बचाव पक्ष के वकीलों रुपेश सिंह भदौरिया, लितेश बत्रा और चितवन गोदारा ने कहा कि अभियुक्त विपक्षी दल से जुड़े हैं इसीलिए उन्हें राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया जा रहा है। प्रदर्शन शांतिपूर्ण था और किसी भी वीडियो में हिंसा नहीं दिखती। अभियुक्त शिक्षित हैं और उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के ‘अर्नेश कुमार’ मामले के दिशा-निर्देशों के पालन न होने की भी दलील दी।
वहीं, अतिरिक्त लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोप गंभीर हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि खराब करने की साजिश है। यदि अभियुक्त शिक्षित हैं तो उन्हें अपने कृत्यों के परिणाम पता होने चाहिए।
अदालत ने जांच अधिकारी से पांच दिन की हिरासत की आवश्यकता पर सवाल किया। जांच अधिकारी ने कहा कि देश की छवि खराब करने की गहरी साजिश की जांच, फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी और उचित जांच के लिए हिरासत जरूरी है। अदालत ने माना कि जांच शुरुआती और महत्वपूर्ण चरण में है तथा अभियुक्तों के फरार होने और साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका है।