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भाजपा के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट, एक महीने से भारत में फंसे ब्रिटिश डॉक्टर

14 नवंबर को पेशे से डॉक्टर संग्राम ने फेसबुक पर एक पोस्ट किया था। उस पोस्ट की एक पंक्ति में उन्होंने भाजपा के शीर्ष नेता और पार्टी के बारे में अपनी कुछ राय व्यक्त की थी।

By देवदीप चक्रवर्ती, Posted by: प्रियंका कानू

Feb 21, 2026 00:36 IST

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कुछ पंक्तियां लिखना उनके लिए बड़ी परेशानी बन जाएगा, इसका अंदाजा भी उन्हें नहीं था। उनका दोष यह बताया जा रहा है कि उनकी टिप्पणी देश की सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ थी। भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक संग्राम पाटिल एक महीने से अधिक समय से भारत में ही रुके हुए हैं। उनके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी होने के कारण वे फिलहाल अदालत की सुनवाई का इंतजार कर रहे हैं।

14 नवंबर को पेशे से डॉक्टर संग्राम ने फेसबुक पर एक पोस्ट किया था। उस पोस्ट की एक पंक्ति में उन्होंने भाजपा के शीर्ष नेता और पार्टी के बारे में अपनी राय रखी थी। इसके चार दिन बाद महाराष्ट्र भाजपा के सोशल मीडिया प्रभारी निखिल भामरे ने उनके खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई। उसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने संग्राम के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया। मुंबई से लंदन लौटते समय एयरपोर्ट पर उन्हें रोक लिया गया। तब से एक महीना बीत चुका है।

पुलिस के अनुसार शिकायत में कहा गया है कि संग्राम की पोस्ट भाजपा समर्थकों और विरोधियों के बीच दुश्मनी पैदा कर सकती है। पुलिस ने भारतीय दंड कानून के तहत मामला दर्ज किया है। उन पर झूठी जानकारी से युक्त बयान देकर दुश्मनी और घृणा की भावना फैलाने का आरोप लगाया गया है। यह अपराध जमानती है और अधिकतम तीन साल की सजा हो सकती है।

एक राष्ट्रीय समाचार माध्यम से बातचीत में संग्राम ने कहा कि उनका पोस्ट सरकार समर्थकों से एक सरल सवाल था और कुछ नहीं। इसमें किसी समुदाय, अफवाह या सनसनीखेज सामग्री का कोई संबंध नहीं था। उन्होंने अपने खिलाफ लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पोस्ट के लिए इस तरह का मामला दर्ज करना गैरकानूनी है।

लुक आउट सर्कुलर जारी करने से पहले 10 जनवरी को उनसे 10 घंटे से अधिक पूछताछ की गई थी। इसके बाद 16 जनवरी को फिर 8 घंटे पूछताछ हुई। संग्राम का दावा है कि उन्होंने पुलिस के सभी सवालों के लिखित जवाब दिए। उन्होंने लुक आउट सर्कुलर रद्द करने की भी अपील की थी, लेकिन जिस दिन वे लौटने वाले थे, उसी दिन एयरपोर्ट से उन्हें रोक लिया गया।

30 जनवरी को इस मामले में मुंबई की एक अदालत में पुलिस ने हलफनामा दाखिल किया। इसमें कहा गया है कि मामले में और जांच की जरूरत है। यह भी सवाल उठाया गया है कि एक विदेशी नागरिक और शिक्षित व्यक्ति ने टूरिस्ट वीजा पर भारत आकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बिना आधार के मानहानिकारक और आपत्तिजनक पोस्ट क्यों किया। संग्राम ने अपने खिलाफ दर्ज मामला रद्द करने और यात्रा प्रतिबंध हटाने के लिए अदालत का रुख किया है। मामले की अगली सुनवाई 27 फरवरी को होनी है।

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