🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

टैरिफ फैसले पर नया विवाद, व्यापार समझौते को लेकर मोदी पर राहुल का हमला, कहा-‘विश्वासघात उजागर’

टैरिफ रद्द करने का फैसला आने के बाद ट्रंप चुप नहीं बैठे। उन्होंने फिर से 10 प्रतिशत का नया टैरिफ लगा दिया। इसके बाद राहुल ने मोदी को कठघरे में खड़ा कर दिया।

By कौशिक भट्टाचार्य, Posted by डॉ.अभिज्ञात

Feb 21, 2026 18:12 IST

नयी दिल्लीः अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने उनके टैरिफ को ‘गैरकानूनी और असंवैधानिक’ घोषित कर दिया है। इसके बाद भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। इसी मुद्दे पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तीखा हमला बोला। शनिवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर उन्होंने लिखा, “प्रधानमंत्री का विश्वासघात उजागर हो गया है।”

ट्रंप ने पहले भारतीय वस्तुओं पर दो चरणों में 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया था। बाद में द्विपक्षीय व्यापार समझौते की ‘शर्तों’ के तहत यह घटकर 18 प्रतिशत हो गया। लेकिन शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ को ‘पूरी तरह गैरकानूनी’ करार दे दिया। इसके चलते आपात आधार पर लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ और रेसिप्रोकल टैरिफ दोनों फिलहाल रद्द हो गए हैं।

हालांकि ट्रंप चुप नहीं बैठे। उन्होंने जवाब में विदेशी उत्पादों पर नया 10 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है। यह शुल्क 24 फरवरी की मध्यरात्रि से लागू होगा और 150 दिनों तक प्रभावी रहेगा। यह टैरिफ भारतीय वस्तुओं पर भी लागू होगा। इसी मुद्दे को लेकर राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए लिखा, “प्रधानमंत्री सौदेबाजी नहीं कर पाएंगे। वे फिर आत्मसमर्पण करेंगे। उनका विश्वासघात सबके सामने आ गया है।”

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी प्रधानमंत्री पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने लिखा कि अगर मोदी अपनी ‘कमजोर छवि’ बचाने की जल्दबाजी में न रहते और कुछ दिन इंतजार करते तो देश के किसानों को इतना नुकसान नहीं उठाना पड़ता और देश की संप्रभुता भी सुरक्षित रहती। उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को प्रधानमंत्री के ‘आत्मसमर्पण’ का परिणाम बताया।

इसी तरह कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री ने इतनी जल्दबाजी में द्विपक्षीय व्यापार समझौता क्यों किया। उन्होंने पूछा कि देश के हित में केंद्र सरकार रूस और ईरान से तेल खरीदने की घोषणा कब करेगी। साथ ही यह भी सवाल किया कि किसानों और मजदूरों की सुरक्षा के लिए अमेरिका से कृषि और खाद्य उत्पादों के आयात पर रोक कब लगेगी।

इस तरह टैरिफ फैसले के बाद भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को लेकर देश की राजनीति में नया विवाद शुरू हो गया है।

Prev Article
AI शिखर सम्मेलन के दौरान प्रदर्शन करने वाले 4 युवा कांग्रेस कार्यकर्ता 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेजे गये
Next Article
बाकी सब छोड़कर, ट्रेन यात्रा के लिए अब से केवल ‘Rail One’ ऐप

Articles you may like: