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हालीसहर में मुकुल राय का अंतिम संस्कार संपन्न, अभिषेक बनर्जी लगातार रहे उपस्थित

पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य की राजनीति में कई नए समीकरण जरूर बन गए।

By Tuhina Mondal, Posted By : Moumita Bhattacharya

Feb 23, 2026 18:48 IST

वर्ष 2021 का कोरोना काल। मुकुल राय (Mukul Roy) उस समय कोरोना से तुरंत ठीक हुए थे और उसके तुरंत बाद उनकी पत्नी कृष्णा राय बुरी तरह से बीमार गयी। बाईपास के पास एक निजी अस्पताल में उन्हें भर्ती करवाया गया था। इस बारे में जैसे ही तृणमूल कांग्रेस से राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को पता चला, वह तुरंत अस्पताल पहुंचे।

मुकुल राय के साथ उनकी मुलाकात नहीं हुई थी लेकिन शुभ्रांशु राय से वह मिले थे। दोनों के बीच बात हुई और राय परिवार को आश्वासन देते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा था - साथ हूं। गौर करने वाली बात यह है कि मुकुल राय तब भी भाजपा के ही विधायक थे।

जानकारों का मानना है मुकुल राय की तृणमूल में वापसी के लिए यही अपनापन जिम्मेदार है।

सोमवार को बंगाल की राजनीति में तृणमूल के 'चाणक्य' मुकुल राय के निधन की खबर फैलते ही राजनैतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गयी। उनकी मौत की खबर मिलते ही अभिषेक बनर्जी ने शुभ्रांशु राय को तुरंत फोन किया। सिर्फ इतना ही नहीं, अंतिम संस्कार की सारी व्यवस्थाएं करने का उन्होंने आश्वासन भी दिया।

अभिषेक बनर्जी ने सिर्फ आश्वासन ही नहीं दिया बल्कि मुकुल राय का अंतिम संस्कार होन तक वह लगातार उनके साथ ही बने हुए थे। विधानसभा में जब मुकुल राय का पार्थिव शरीर लाया गया उस समय उनके समकक्ष और समर्थकों ने उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। इस समय अभिषेक बनर्जी ने उनके पैर छूकर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया। मुकुल राय का शव जब आखिरी बार उनके बीजपुर के घर ले जाने के लिए रवाना हुआ तब भी अभिषेक बनर्जी लगातार उनके साथ बने हुए थे।

वरिष्ठ राजनेता को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए उस समय उनके घर से सामने बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा थी। अभिषेक बनर्जी लगातार शुभ्रांशु राय के साथ बने रहे थे। मुकुल राय के घर से हालीसहर महाश्मशान के लिए एक शोकजुलूस निकाली गयी। यहां भी शुभ्रांशु राय के साथ लगातार अभिषेक बनर्जी, पार्थ भौमिक और शिउली साहा थे। हालीसहर महाश्मशान में उनका अंतिम संस्कार संपन्न किया गया।

कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य की राजनीति में कई नए समीकरण जरूर बन गए।

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