वाशिंगटनः अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की नीतियों को लेकर जनता के बीच असंतोष बढ़ता दिखाई दे रहा है। हाल ही में ABC News, The Washington Post और Ipsos द्वारा कराए गए एक राष्ट्रीय सर्वे में यह बात सामने आई है कि बड़ी संख्या में अमेरिकी नागरिक महंगाई, टैरिफ, विदेश नीति और आर्थिक प्रबंधन जैसे मुद्दों पर सरकार के कामकाज से संतुष्ट नहीं हैं। यह सर्वे 12 से 17 फरवरी के बीच 2,500 से अधिक वयस्क अमेरिकियों की राय के आधार पर तैयार किया गया है।
सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि महंगाई सबसे बड़ा मुद्दा बनकर उभरी है। 65 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि बढ़ती कीमतों से निपटने में सरकार का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा। आयातित वस्तुओं पर लगाए गए शुल्क को लेकर भी 64 प्रतिशत लोगों ने असहमति जताई। विदेश नीति के संचालन को लेकर 62 प्रतिशत नागरिकों ने नाराजगी व्यक्त की है। इसके साथ ही तकरीबन 57 प्रतिशत ने समग्र आर्थिक प्रबंधन पर असंतोष जताया। आव्रजन नीति को लेकर 58 प्रतिशत लोग सरकार से नाखुश दिखे। सर्वे में शामिल छह प्रमुख नीतिगत क्षेत्रों में से किसी भी क्षेत्र में राष्ट्रपति को बहुमत का समर्थन नहीं मिला। सीमा सुरक्षा के मुद्दे पर अपेक्षाकृत बेहतर प्रतिक्रिया जरूर मिली, लेकिन वहां भी समर्थन 47 प्रतिशत से अधिक नहीं पहुंच सका।
सर्वे रिपोर्ट सामने आने के कुछ समय बाद ही अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न देशों पर लगाए गए टैरिफ को अवैध घोषित कर निरस्त कर दिया। इस फैसले के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। प्रशासन की नीतियों पर नए सिरे से सवाल उठने लगे हैं।
राजनीतिक रूप से भी देश में गहरा विभाजन साफ दिखाई दे रहा है। डेमोक्रेटिक पार्टी (Democratic Party) और बड़ी संख्या में निर्दलीय मतदाता राष्ट्रपति की नीतियों का विरोध कर रहे हैं। वहीं रिपब्लिकन पार्टी (Republican Party) के भीतर भी पूरी एक राय नहीं है। रिपब्लिकन और उनसे जुड़े स्वतंत्र मतदाताओं में से 54 प्रतिशत ने खुद को MAGA मूवमेंट का समर्थक बताया है। यह वर्ग ट्रंप की अधिकांश नीतियों के पक्ष में खड़ा दिखता है। हालांकि जो रिपब्लिकन मतदाता खुद को इस धड़े से अलग मानते हैं। वे विशेष रूप से महंगाई, टैरिफ और विदेश नीति को लेकर आलोचनात्मक हैं।
सर्वे के अनुसार, राष्ट्रपति के प्रति कुल असंतोष का स्तर लगभग 60 प्रतिशत तक पहुंच गया है। यह आंकड़ा उस समय के करीब माना जा रहा है जब उन्होंने जनवरी 2021 में ह्वाइट हाउस छोड़ा था। हालांकि दिलचस्प बात यह है कि विपक्ष को भी स्पष्ट बढ़त नहीं मिली है। जब लोगों से पूछा गया कि देश की बड़ी समस्याओं के समाधान के लिए वे किस पर अधिक भरोसा करते हैं। इस सवाल के जवाब में 33 प्रतिशत ने ट्रंप का नाम लिया, 31 प्रतिशत ने डेमोक्रेटिक पार्टी को और उतने ही लोगों ने कहा कि वे किसी पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं।
आर्थिक स्थिति को लेकर भी जनता का रुख निराशाजनक है। लगभग आधे उत्तरदाताओं का मानना है कि ट्रंप के कार्यकाल में देश की अर्थव्यवस्था कमजोर हुई है। केवल तीन में से एक व्यक्ति ने कहा कि हालात में सुधार हुआ है। व्यक्तिगत आर्थिक स्थिति के संदर्भ में भी स्थिति बेहतर नहीं दिखती-सिर्फ 22 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे पहले से बेहतर स्थिति में हैं।
सर्वे के निष्कर्ष यह संकेत देते हैं कि अमेरिका में नेतृत्व को लेकर असंतोष बढ़ रहा है। इसके साथ ही राजनीतिक विकल्पों पर भी जनता का भरोसा पूरी तरह मजबूत नहीं हो पाया है।