नई दिल्ली: दिल्ली के लालकिले के सामने हुए विस्फोट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने दो और लोगों को गिरफ्तार किया है। दोनों गिरफ्तार अभियुक्तों जम्मू और कश्मीर के निवासी हैं। एनआईए का दावा है कि दोनों सीधे तौर पर लालकिला विस्फोट की साजिश में शामिल थे और उन्होंने इस हमले में शामिल लोगों को हथियार मुहैया कराए थे। इस मामले में अब तक कुल 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पिछले वर्ष नवंबर में लालकिले के सामने विस्फोट हुआ था, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी। मुख्य अभियुक्त तथा चिकित्सक उमर-उन-नबी की भी इस घटना में मृत्यु हुई थी। कई लोग घायल भी हुए थे। कार बम विस्फोट मामले की जांच एनआईए को सौंपी गई थी।
लालकिले में विस्फोट के बाद केंद्रीय जांच एजेंसी के अनुसार, जांच के दौरान तोफायल अहमद भट और जमीर अहमद आहनगर को गिरफ्तार किया गया। जमीर गांदरबल क्षेत्र का निवासी है, जबकि तोफायल श्रीनगर का रहने वाला है। दोनों दिल्ली विस्फोट की साजिश में सीधे शामिल थे और मुख्य अभियुक्त को हथियार व विस्फोटक उपलब्ध कराए थे।
TWO MORE TERROR OPERATIVES NABBED IN DELHI BOMB BLAST CASE, TOTAL ARRESTS GO UP TO 11 pic.twitter.com/lbfkCcilkL
— NIA India (@NIA_India) February 25, 2026
जांच में सामने आया है कि दोनों अभियुक्त अंसार गजवात-उल-हिंद से जुड़े हुए थे। अधिकारियों के अनुसार, वे देशविरोधी गतिविधियों के लिए हथियार और विस्फोटक जुटाते थे तथा कई अन्य आतंकी साजिशों में भी उनकी संलिप्तता की आशंका है। बुधवार को अभियुक्तों को पटियाला अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 10 दिन की एनआईए हिरासत में भेज दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के जरिए साजिश और आतंकी नेटवर्क के बारे में और जानकारी जुटाई जाएगी।
जांच में यह भी पता चला है कि मौलवी इरफान अहमद वागे, चिकित्सक आदिल राठेर, चिकित्सक मुजम्मिल गनाई और आमिर रशीद के साथ बैठकर उमर ने लालकिले में विस्फोट की साजिश रची थी। इन्हें जम्मू-कश्मीर और हरयाणा के विभिन्न इलाकों से गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली विस्फोट से कुछ घंटे पहले हरियाणा के फरीदाबाद से अमोनियम नाइट्रेट सहित लगभग तीन हजार किलोग्राम विस्फोटक और आग्नेयास्त्र बरामद किए गए थे। मुजम्मिल सहित गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ में व्हाइट कॉलर आतंकवादी मॉड्यूल का खुलासा हुआ था। अब जांच एजेंसियां इस साजिश के बारे में और विस्तृत जानकारी जुटाने में लगी हैं।