वाशिंगटन : जब भी अनिश्चितता बढ़ती है, तब सोने की कीमतें बढ़ने लगती हैं। ‘सेफ हेवन’ के रूप में पहचाने जाने वाले सोने में निवेशक अपना निवेश बढ़ाते हैं, जिसके परिणामस्वरूप इसकी कीमतें ऊपर जाती हैं। ठीक ऐसी ही स्थिति अंतरराष्ट्रीय बाजार में देखने को मिल रही है। अमेरिका में सोने की कीमत फिर रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब पहुंच गई है। सोमवार को वहां सोने की कीमत लगभग 2 प्रतिशत बढ़ी, जो पिछले तीन हफ्तों में सबसे अधिक है। हाल ही में ट्रंप के टैरिफ पर Supreme Court of the United States ने रोक लगा दी है। इसके बाद टैरिफ को लेकर डोनाल्ड ट्रम्प ने फिर चेतावनी दी है। इसी माहौल का असर सोने की कीमतों पर पड़ा है, ऐसा माना जा रहा है। इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच संभावित टकराव को लेकर भी बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।
अमेरिकी बाजार में स्पॉट गोल्ड की कीमत 1.8 प्रतिशत बढ़ी है, जो जनवरी के रिकॉर्ड उच्च स्तर के करीब है। 29 जनवरी को वहां प्रति औंस सोने की कीमत 5594.82 डॉलर थी। सोमवार को सोने की कीमत 5198.72 डॉलर प्रति औंस रही। बाजार का मानना है कि भविष्य में सोने की कीमत और बढ़ सकती है। अप्रैल डिलीवरी के लिए यूएस गोल्ड फ्यूचर 2.7 प्रतिशत बढ़कर 5219 डॉलर प्रति औंस हो गया।
इसी अवधि में सिल्वर यानी चांदी की कीमत में भी काफी बढ़ोतरी हुई है। पिछले कुछ दिनों से भारत के बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतें बढ़ी हैं।
Business Standard की रिपोर्ट के अनुसार सीपीएम ग्रुप के मैनेजिंग पार्टनर जेफ्री क्रिश्चियन ने कहा है कि पूरी दुनिया में कई आर्थिक और राजनीतिक समस्याएं चल रही हैं। उनका मानना है कि इस सप्ताह के आगे बढ़ने के साथ सोने और चांदी की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।
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