सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के आदेश पर 28 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची (Final Voter List) को जारी करने से संबंधित सारी तैयारियां की जा रही है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि इस सूची के जारी होने के बाद भी सप्लिमेंटरी सूची को जारी किया जा सकता है। लेकिन 28 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची को जारी करने के संबंध में चुनाव आयोग ने जोर-शोर से तैयारियां शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में कलकत्ता हाई कोर्ट (Calcutta High Court) के मुख्य न्यायाधीश के आदेश पर 530 ज्यूडिशियल अधिकारियों को SIR के काम में शामिल किया गया है। इनमें से 270 ज्यूडिशियल अधिकारियों ने अपनी-अपनी जिम्मेदारी संभाल भी ली है। बाकी अधिकारियों का लॉग इन आईडी तैयार किया जा रहा है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के आधार पर वर्तमान में लगभग 58 लाख मतदाताओं के नाम के सत्यापन का काम चल रहा है।
चुनाव आयोग द्वारा SIR से संबंधित विज्ञप्ति जारी करने के बाद 4 नवंबर से राज्य में SIR की प्रक्रिया शुरू हो गयी थी। इस प्रक्रिया की शुरुआत एन्यूमरेशन फॉर्म वितरित करने, फॉर्म जमा लेने के साथ हुई थी। यह काम 15 दिसंबर तक चला था। इसके बाद 16 दिसंबर को मतदाता सूची का मसौदा जारी किया गया था। उस सूची में 7 करोड़ 66 लाख मतदाताओं का नाम प्रकाशित किया गया था और 58 लाख लोगों का नाम हटा दिया गया था।
ऐसी स्थिति में यह देखने वाली बात होती कि 28 फरवरी को जारी होने वाली अंतिम मतदाता सूची से कितने लोगों का नाम कटता है और कितने 'वैध' व 'योग्य' मतदाताओं का नाम रखा जाता है।