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2019 श्रीलंका ईस्टर ब्लास्ट केस में बड़ा मोड़, पूर्व खुफिया प्रमुख की गिरफ्तारी से जांच तेज

वरिष्ठ उप पुलिस महानिरीक्षक संजीवा मडावत्ता के अनुसार सुरेश सल्लाय को आतंकवाद निरोधक कानून के तहत 72 घंटे के लिए पूछताछ हेतु हिरासत में रखा जाएगा।

By राखी मल्लिक

Feb 26, 2026 17:45 IST

कोलंबो : श्रीलंका की कैथोलिक चर्च ने 2019 के ईस्टर आतंकी हमलों की जांच के सिलसिले में पूर्व स्टेट इंटेलिजेंस सर्विस प्रमुख सुरेश सल्लाय की गिरफ्तारी की है। चर्च ने कहा कि यह कदम वर्तमान सरकार द्वारा की जा रही व्यवस्थित जांच का परिणाम है। सल्लाय को बुधवार को पुलिस के क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट ने गिरफ्तार किया। वरिष्ठ उप पुलिस महानिरीक्षक संजीवा मडावत्ता के अनुसार उन्हें आतंकवाद निरोधक कानून के तहत 72 घंटे के लिए पूछताछ हेतु हिरासत में रखा जाएगा।

चर्च के प्रवक्ता फादर सिरिल गेमिनी ने पत्रकारों से कहा कि यह गिरफ्तारी मौजूदा सरकार की व्यवस्थित जांच का नतीजा है। उन्होंने कहा कि जब गोतबाया राजपक्षे राष्ट्रपति बने थे, तब ईस्टर संडे हमलों की जांच रोक दी गई थी।

21 अप्रैल 2019 को ईस्टर संडे के दिन श्रीलंका में तीन चर्चों और तीन लक्जरी होटलों में सिलसिलेवार आत्मघाती विस्फोट हुए थे। ये हमले स्थानीय इस्लामिक चरमपंथी संगठन नेशनल थौहीद जमात (NTJ) ने किए थे। जिसका संबंध आईएसआईएस से बताया गया था। इन हमलों में 270 से अधिक लोग मारे गए थे, जिनमें 11 भारतीय भी शामिल थे।

बौद्ध बहुल देश श्रीलंका की कैथोलिक चर्च इन जांचों से पहले से असंतुष्ट रही है। चर्च का आरोप है कि पहले की जांच एक राजनीतिक रूप से दबाने की कोशिश थी, ताकि हमले मेम शामिल ताकतवर लोगों को बचाया जा सके। फादर गेमिनी ने कहा कि वर्तमान सरकार ने 16 महीने पहले सत्ता संभालने के बाद जांच दोबारा शुरू की और उसे संतोषजनक तरीके से आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि सल्लाय की गिरफ्तारी विश्वसनीय साक्ष्यों के आधार पर की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग इस गिरफ्तारी के खिलाफ बयान दे रहे हैं, वे जांच को बाधित करनें की कोशिश कर रहे हैं।

चर्च ने अपनी पुरानी मांग दोहराई कि इस भयानक हमले के पीछे छिपे लोगों का खुलासा किया जाए, सच्चाई सामने लाई जाए और जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में खड़ा किया जाए।

इस बीच पूर्व विदेश मंत्री अली सबरी ने एक बयान में इस गिरफ्तारी की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे को राजनीतिक रूप देने के लिए उठाया गया है।

हमले के समय सल्लाय विदेश में एक राजनयिक पद पर तैनात थे। वर्ष 2015 से पहले वे महिंदा राजपक्षे की सरकार के दौरान स्टेट इंटेलिजेंस सर्विस के प्रमुख रह चुके थे। मडावत्ता ने बताया कि 2019 के ईस्टर हमलों की अब तक की जांच के आधार पर ही सल्लाय को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि उनसे पूछताछ से आत्मघाती बम धमाकों के मास्टरमाइंड का खुलासा हो सकता है, जिन्होंने चर्चों और पांच सितारा होटलों को निशाना बनाया था।

उस समय की सरकार, जिसका नेतृत्व राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना कर रहे थे, पर यह आरोप लगा था कि भारत द्वारा साझा की गई खुफिया जानकारी के बावजूद हमलों को रोकने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। वर्तमान नेशनल पीपल्स पावर (NPP) सरकार ने 2024 के अंत में ईस्टर आतंकी हमलों की जांच फिर से शुरू की।

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