पश्चिम बंगाल में उच्च माध्यमिक की परीक्षा चल रही है। अब विज्ञान शाखा के छात्रों, शिक्षक, इंजीनियरिंग संस्थानों से लेकर अभिभावकों तक के मन में अब एक ही सवाल घूम रहा है - कब होगी राज्य ज्वाएंट (WBJEE) की परीक्षा?
उच्च माध्यमिक, आईएससी, सीबीएसई के 12वीं स्तर की परीक्षा शुरू हो चुकी है लेकिन ज्वाएंट बोर्ड ने अभी तक परीक्षा की तारीख की घोषणा नहीं की है। पिछले कुछ सालों से अप्रैल के तीसरे अथवा चौथे सप्ताह में ही परीक्षा होती थी। दिसंबर में परीक्षा की विज्ञप्ति जारी होती थी, जिसके बाद जनवरी में फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू हो जाती थी।
इस साल अभी तक ज्वाएंट बोर्ड ने परीक्षा की तारीखों की घोषणा नहीं की गयी है। न तो परीक्षा का विज्ञापन जारी किया गया है और न ही फॉर्म भरना, एडमिट कार्ड जैसे कार्यों के विषय में फैसला लिया गया है।
इस साल राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इस वजह से अभी तक ज्वाएंट परीक्षा की तारीख घोषित न होने से शिक्षकों का मानना है कि विभिन्न प्रकार की समस्याएं पैदा हो सकती हैं। राष्ट्रीय स्तर की इसी प्रकार के एक एंट्रांस परीक्षा की तारीख घोषित की जा चुकी है। इसलिए उन तारीखों में WBJEE की परीक्षा नहीं ली जा सकती है।
अगर ऐसा होता है तो परीक्षार्थियों को समस्याएं हो सकती है। विधानसभा चुनाव की घोषणा अगर पहले हो जाती है तो ज्वाएंट की परीक्षा और भी टलेगी। इस वजह से राज्य के कॉलेज-यूनिवर्सिटी में डिग्री कोर्स में दाखिले में भी समस्या होने की संभावना जतायी गयी है।
विकास भवन के एक अधिकारी ने बताया कि पिछले लगभग डेढ़ महीने से ज्वाएंट बोर्ड में कोई चेयरमैन नहीं है। इस वजह से कामकाज में भी समस्या हो रही है। हालांकि इस मामले में बोर्ड के किसी अधिकारी ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। जादवपुर यूनिवर्सिटी के इंजीनियरिंग के अध्यापक पार्थप्रतिम विश्वास का कहना है कि इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए काफी पहले से ही राज्य के ज्वाएंट बोर्ड को विज्ञापन, फॉर्म भरने और परीक्षा की तारीख की घोषणा करनी चाहिए थी। ऐसा नहीं होने पर उच्च शिक्षा सभी मामलों में प्रभावित होगा। सबसे ज्यादा नुकसान परीक्षार्थियों को ही झेलनी पड़ेगी।
सैंकड़ों गैर सरकारी कॉलेज और विश्वविद्यालय के संगठन 'आपाई' के अध्यक्ष तरणजीत सिंह ने अफसोस जताते हुए कहा कि चुनाव से पहले राज्य ज्वाएंट की परीक्षा होगी या नहीं, इसे लेकर ही आशंका है। उन्होंने बताया कि जल्द ही इस मामले में बोर्ड व शिक्षा मंत्री के साथ बैठक का आवेदन करते हुए समय मांगूंगा। अगर इतनी देरी से सब कुछ होगा तो कॉलेजों को छात्र मिलने में बहुत मुश्किलें आएंगी।