केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े तीन नए कोर्स लॉन्च किए, जिन्हें आईआईएम लखनऊ में शुरू किया जाएगा। ये तीन कोर्स हैं:- बीएस इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड बिजनेस एनालिटिक्स, टेक एमबीए, इंटीग्रेटेड बीएस + टेक एमबीए।
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, मंत्री ने कहा कि भारत का लक्ष्य नैतिक एआई के क्षेत्र में वैश्विक नेता बनना है। उन्होंने कहा कि एआई को मैनेजमेंट शिक्षा, नवाचार और समाज के कामों से जोड़ना जरूरी है, ताकि छात्र एआई आधारित भविष्य के लिए तैयार हो सकें और तकनीक देश के विकास में काम आए। उन्होंने कहा कि भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी में से एक है इसलिए देश स्वदेशी एआई मॉडल और समाधान विकसित कर सकता है। एआई का उपयोग सिर्फ आर्थिक विकास के लिए नहीं बल्कि समाज के समग्र और समावेशी विकास के लिए भी होना चाहिए।
प्रधान ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी सेवाओं जैसे क्षेत्रों में एआई के सही और जिम्मेदार इस्तेमाल से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। चार साल का "बीएस इन एआई एंड बिजनेस एनालिटिक्स कोर्स" 2026-27 सत्र से शुरू होगा। टेक एमबीए 2027-28 सत्र से शुरू किया जाएगा। बीएस कोर्स करने वाले छात्र पांच साल में इंटीग्रेटेड बीएस + टेक एमबीए भी कर सकेंगे। आईआईएम लखनऊ के निदेशक एमपी गुप्ता ने कहा कि ये नए कोर्स तकनीकी ज्ञान और बिजनेस समझ को साथ लेकर चलेंगे। इससे तकनीक और व्यापार के बीच की दूरी कम होगी और एआई क्षमता विकसित करने में मदद मिलेगी।