महादेव के नाम पर की जाने वाली व्रतों में से एक कठिन व्रत महाशिवरात्रि है। साल के 12 महीनों में 12 शिवरात्रि मनाई जाती हैं लेकिन फाल्गुन महीने की कृष्णा चतुर्दशी की महाशिवरात्रि सबसे महत्वपूर्ण है। इस साल 15 फरवरी को महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। इस व्रत को रखने के कुछ नियम हैं। सभी नियमों का पालन करके व्रत रखने पर ही महादेव की कृपा प्राप्त हो सकती है लेकिन अगर यह उपवास पूरी तरह से रखना संभव न हो तो क्या करें ? जानिए अगर बीच में महाशिवरात्रि का व्रत टूटा तो उस स्थिति में क्या करना चाहिए।
महाशिवरात्रि के व्रत टूट जाने पर क्या करें ?
अगर शरीर खराब होने या किसी अन्य कारण से आप महाशिवरात्रि का व्रत पूरा नहीं कर पाते हैं, तो मानसिक रूप से टूटना सही नहीं है। मन को शांत करने की कोशिश करें। अनिच्छा के बावजूद अगर शिवरात्रि का व्रत टूट जाए तो शिव भगवान से क्षमा प्रार्थना कर लें। आपकी असहायता को समझकर वे निश्चित रूप से आपको क्षमा कर देंगे लेकिन इसके बाद कुछ और काम करना आवश्यक है।
क्या करना जरूरी है ?
--महाशिवरात्रि का व्रत टूट जाने पर फिर से स्नान कर लें।
--सत्कार और भक्ति के साथ गंगाजल और दूध से शिवलिंग का अभिषेक करें।
--मन को शुद्ध रखें, ताकि आपकी भक्ति और समर्पण में कोई संदेह न पैदा हो।
--यदि गलती से व्रत टूट जाए, तो अपनी सामर्थ्य अनुसार गरीबों को दान दें।
--चावल, दूध और सफेद कपड़ा दान कर सकते हैं।
--महादेव के पंचाक्षरी मंत्र ‘ओम नमः शिवाय’ का 108 बार जाप करें।
--संध्या में शिव मंदिर में महादेव की आरती करें।
--इससे आप व्रत पूरे नहीं कर पाने के पाप से मुक्ति पाएंगे।
आप शिवरात्रि का उपवास रखना चाहते हैं ?
--जब आपका शरीर और मन उपवास के लिए पूरी तरह तैयार हों तभी व्रत रखें।
--बीमार या बुजुर्ग लोग शिव पूजा कर सकते हैं, लेकिन कड़े नियम अपनाकर उपवास रखने की आवश्यकता नहीं है।
--महादेव अपने भक्तों को कष्ट में नहीं देखना चाहते। इसलिए अगर आप निर्जला उपवास नहीं रख सकते हैं तो पानी पीएं और अपनी सेहत का ध्यान रखें।