महाशिवरात्रि महादेव की पूजा के लिए निर्धारित अन्य दिनों से काफी अलग है। साल भर में शिव पूजा के लिए यह दिन सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इसी दिन शिव और पार्वती का विवाह हुआ था। इस दिन भक्त इस महाजागतिक परिणय का उत्सव मनाते हैं। फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को महाशिवरात्रि मनाई जाती है। इस साल महाशिवरात्रि 15 फरवरी को मनाई जाएगी।
इस वर्ष महाशिवरात्रि पर कई शुभ योग बन रहे हैं। शिवलिंग के जलाभिषेक और रुद्राभिषेक इस दिन विशेष महत्वपूर्ण हैं। जानें महाशिवरात्रि पर शिवलिंग की पूजा करने का सही तरीका।
शंख नहीं बजाएँ
शिव पूजा में भूलकर भी शंख नहीं बजाएँ। शंख का जल भी शिवलिंग पर अर्पित करना मना है। कहा जाता है कि महादेव ने शंखचूड़ नामक एक प्रचंड असुर का वध किया था। ऐसा माना जाता है कि शंखचूड़ की हड्डियों से ही शंख की उत्पत्ति हुई।
शिवलिंग की परिक्रमा
अन्य देवी-देवताओं की पूजा के समय पूर्ण परिक्रमा का नियम होता है, लेकिन शिवलिंग की केवल अर्ध परिक्रमा ही करनी चाहिए। शिवलिंग की योनि पट को कभी पार नहीं करना चाहिए।
हल्दी, कुमकुम का भेंट नहीं
शिवलिंग पर हल्दी और कुमकुम कभी भी चढ़ाई नहीं जानी चाहिए। शिवलिंग पुरुषत्व का प्रतीक है। इसलिए स्त्रियों के श्रृंगार के सामग्री जैसे हल्दी और कुमकुम शिवलिंग पर अर्पित नहीं करनी चाहिए। हालांकि, यदि महादेव के साथ पार्वती की पूजा भी की जा रही हो तो सिंदूर और कुमकुम देना अनिवार्य है।
बेलपत्र का भेंट
बेलपत्र के बिना महादेव की पूजा अधूरी होती है। त्रिपत्र बेलपत्र शिवलिंग में अर्पित करने चाहिए। बेलपत्र का मध्यम भाग शिवलिंग की ओर घुमाकर रखें।
कौन सा फूल देंगे ?
महाशिवरात्रि की पूजा में बहुत सारे फूल अर्पित नहीं किए जा सकते। शिव पुराण के अनुसार केतक, कर्क, कमल का फूल और तुलसी के पत्ते शिवलिंग पर अर्पित नहीं करने चाहिए। इसके बजाय बेलपत्र, धुतरो, भांग और शमी के पत्तों को शिवलिंग पर अर्पित करें।
टूटे हुए अनाज
शिवलिंग पर कभी भी टूटे हुए अनाज या टूटी हुई चावल अर्पित नहीं करें। अगर साफ और पूरे चावल नहीं अर्पित किए जाएंगे तो पूजा पूरी नहीं होगी।
इन 5 गलती मत करें
--कांस्य के पात्र से कभी भी शिवलिंग पर जल न डालें। शिवलिंग पर जल डालने के लिए तांबे, चाँदी या सोने के पात्र का उपयोग करें।
--महाशिवरात्रि पर काले रंग के कपड़े न पहनें। इस दिन सफेद, आसमानी नीला, हल्का पीला या नारंगी रंग के कपड़े चुनें।
--महाशिवरात्रि पर व्रत रखना सबसे अच्छा है। यदि व्रत रखना संभव नहीं हो तो इस दिन सात्विक आहार लें। प्याज, लहसुन, शराब, मांस महाशिवरात्रि पर बिल्कुल नहीं खाना चाहिए।
--महाशिवरात्रि पर निरंतर उपवास रख सकते हैं या फल खाकर उपवास रख सकते हैं। इस दिन कभी भी अनाज जैसी चीज़ें नहीं खानी चाहिए।
--महाशिवरात्रि का व्रत रखने पर क्रोध नहीं करना चाहिए और किसी को बुरा नहीं बोलना चाहिए। दिन भर जितना संभव हो सके 'ओम नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें।