माध्यमिक परीक्षा चल रही है, इसे जीवन की पहली बड़ी परीक्षा कहा जा सकता है। परीक्षा के मौसम की शुरुआत होते ही अधिकतर छात्रों के मन में एक अज्ञात तनाव काम करने लगता है। अच्छे परिणाम लाने का दबाव, भविष्य को लेकर चिंता—सब मिलकर मानसिक तनाव बढ़ा देते हैं। इस समय सिर्फ दिल लगाकर पढ़ाई करना ही नहीं, बल्कि आसपास के वातावरण को सकारात्मक बनाना भी बहुत जरूरी है। वास्तुशास्त्र के अनुसार कुछ आसान नियमों का पालन करने से छात्रों का ध्यान बढ़ता है, बुद्धि तेज होती है और पढ़ाई में मन लगता है। किन-किन नियमों का पालन करना चाहिए ?
स्टडी रूम का रंग
अगर पढ़ाई के कमरे का वातावरण नकारात्मक हो, तो छात्र आसानी से ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते। वास्तव में, स्टडी रूम में हरा रंग उपयोग करना अत्यंत शुभ माना जाता है। हरा रंग बुध ग्रह का प्रतीक है, जो बुद्धि, स्मरण शक्ति, तर्क और ज्ञान का कारक होता है। यदि दीवार पर हरा रंग करना संभव नहीं है, तो कमरे में हरे मोर की किसी सकारात्मक तस्वीर को लगाया जा सकता है। इससे वातावरण शांत और जीवंत होता है।
स्टडी टेबल की सही दिशा
वास्तुशास्त्र में दिशा-निर्देश का महत्व असीम है। पढ़ाई में अच्छे परिणाम पाने के लिए स्टडी टेबल ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा), पूर्व या उत्तर की ओर रखा जाना चाहिए। किताबों की शेल्फ या रैक पश्चिम या दक्षिण दिशा में रखना अच्छा होता है। लेकिन एक बात का ध्यान जरूर रखना चाहिए—स्टडी टेबल दीवार के बिल्कुल पास नहीं होनी चाहिए। इसे वास्तु दोष माना जाता है।
स्टडी टेबल पर क्या रखना चाहिए ?
स्टडी टेबल पर छोटे आकार की भगवान गणेश की मूर्ति या देवी सरस्वती की प्रतिमा रखना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके अलावा एक छोटा ग्लोब या तांबे का पिरामिड भी रखा जा सकता है। ये नकारात्मक ऊर्जा को दूर करते हैं और आसपास के वातावरण को सकारात्मक बनाए रखते हैं, जिससे पढ़ाई में ध्यान बढ़ता है।
एकाग्रता कैसे बढ़ायी जाए ?
एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ाने के लिए वास्तु अनुसार एक आसान तरीका है, वह है मोरपंख। विद्यार्थी अध्ययन की मेज पर या किताबों के बीच एक मोरपंख रख सकते हैं। ऐसा माना जाता है कि यह बुध ग्रह को मजबूत करता है और पढ़ाई में शुभ प्रभाव डालता है। पढ़ाई की जगह हमेशा साफ और व्यवस्थित रखना अत्यंत जरूरी है। यदि चाहें तो घर में गुलाब या चंदन की धूप जला कर सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाई जा सकती है। इन छोटे-छोटे वास्तु उपायों को अपनाने से परीक्षा के समय मानसिक तनाव कम होता है। अच्छे परिणाम मिलने की संभावना भी बढ़ती है। निश्चित रूप से याद रखना होगा, सफलता की असली कुंजी मेहनत है।