सुप्रीम कोर्ट सोमवार को पश्चिम बंगाल SIR मामले की सुनवाई की। इस मामले की की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जयमाल्य बागची और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की बेंच ने की।
सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम फैसले में क्या कहा?
- राज्य के 8505 ग्रुप B अधिकारी कल शाम 5 बजे तक डिस्ट्रिक्ट कलेक्ट्रेट में ERO को रिपोर्ट करेंगे।
- चुनाव आयोग तय करेगा कि उनका इस्तेमाल कैसे किया जाएगा।
- 8505 अधिकारियों की योग्यता और कार्यदक्षता को देखने के बाद चुनाव आयोग उन्हें शॉर्टलिस्ट करेगा और नियुक्त किए गएमाइक्रो ऑब्जर्वर के विकल्प के तौर पर उनका इस्तेमाल करेगा। प्रशिक्षण का इंतजाम करना होगा।
- ये अधिकारी सिर्फ सहयोगिता का किरदार ही निभाएंगे। आखिरी फैसला ERO लेंगे।
- सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बंगाल SIR के लिए दस्तावेजों की जांच की समयसीमा को कम से कम एक सप्ताह बढ़ाई जानी चाहिए। इस वजह से माना जा रहा है कि अंतिम मतदाता सूची जारी होने में भी देर होगी।
- माइक्रो ऑब्जर्वर, अन्य अधिकारी (राज्य द्वारा नियुक्त अधिकारी) सिर्फ सहयोग करने की भूमिका में ही होंगे। वे आखिरी फैसला नहीं ले पाएंगे। आखिरी फैसला ERO लेंगे।
- जो लोग अशांति फैला रहे हैं, फॉर्म जला रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इन आरोपों के बारे में राज्य पुलिस के DGP को एक व्यक्तिगत हलफनामा देना होगा।
- SIR नोटिस और मतदाताओं की शिकायतों से जुड़े मामलों पर ERO का फैसला ही अंतिम होगा।
- ERO को आपत्तियां स्वीकार करनी होंगी। वे दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे।
- चुनाव आयोग उन अधिकारियों को हटा सकता है जो अपनी ड्यूटी ठीक से नहीं करते हैं।