पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Election) में कांग्रेस ने अकेले ही मैदान में उतरने का फैसला लिया है। इसके बाद से ही कांग्रेस अपनी पूरी ताकत के साथ राज्य में चुनाव प्रचार के लिए उतरने की तैयारियों में जुट गया है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार अगर आखिरी पलों में कोई बहुत बड़ा परिवर्तन नहीं होता है तो इस बार के विधानसभा चुनाव से पहले बंगाल के अधिकांश जगहों पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे और लोकसभा में विरोधी पार्टी के नेता राहुल गांधी जनसभा को संबोधित कर सकते हैं। इनका साथ देने के लिए चुनावी मैदान में प्रियंका गांधी वाड्रा के भी मौजूद रहने की संभावना है।
मालदह दक्षिण कांग्रेस सांसद इशा खान चौधरी ने इस बाबत बताया कि खडगे जी, राहुल जी और प्रियंका गांधी जी के बंगाल दौरे और जनसभा को लेकर हमने अपना प्रस्ताव दिया है। मध्य कोलकाता, मुर्शिदाबाद, मालदह ऐसी संभावित जगहें हैं जहां जनसभा का प्रस्ताव दिया गया है। हमें यह आश्वस्त किया गया है कि पार्टी के प्रमुख नेता इस बार चुनाव प्रचार के लिए राज्य में आने वाले हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अभी तक दौरे की तारीख तय नहीं हुई है।
बता दें, कांग्रेस हाई कमान ने राज्य के 292 विधानसभा केंद्रों के लिए उम्मीदवारों को चुनने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में से एक ने बताया, "पश्चिम बंगाल में हमारी पार्टी के संभावित उम्मीदवार कौन होंगे यह निश्चित करने के लिए संबंधित व्यक्ति की चुनाव जीतने की संभावना पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जाएगा।
चुनाव से पहले जो नेता दूसरी पार्टियों से हमारी पार्टी में शामिल होंगे, ऐसे दलबदलू नेताओं के लिए भी यहीं नीति अपनायी जाएगी। उम्मीदवारों के चुनाव के लिए सबसे बड़ा फैक्टर उनका इमेज, विश्वासयोग्यता और जनता के बीच उनकी स्वीकार्यता होगी।"
दिल्ली कांग्रेस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बंगाल के 65 ऐसी सीटों को पार्टी हाई कमांन में अलग से चिह्नित किया है जहां पार्टी का रिजल्ट अच्छा आने की संभावना है। इनमें राज्य के सीमावर्ती इलाकों के कुछ सीट भी शामिल हैं। इसके अलावा अल्पसंख्यक बहुल कुछ सीटों को भी चिह्नित किया गया है जहां पार्टी का रिजल्ट अच्छा आने की संभावना है।
पार्टी हाई कमान को लगता है कि अगर विधानसभा चुनाव से 2 महीने पहले से इन सीटों पर अधिक ध्यान दिया जाए तो इनमें से कम से कम 10 सीटें तो कांग्रेस की झोली में जरूर आ जाएंगी।
सूत्रों का दावा है कि बंगाल विधानसभा चुनाव में प्रचार के लिए मालदह, मुर्शिदाबाद, जलपाईगुड़ी, उत्तर 24 परगना और नदिया जिलों पर कांग्रेस अधिक ध्यान देने वाली है। संभावना है कि तृणमूल छोड़कर फिर से कांग्रेस में शामिल हुई मौसम नूर को मालदह में चुनाव प्रचार की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी जाए। अगले सप्ताह संसद में बजट सत्र के पहले चरण के खत्म होन के बाद ही बंगाल के प्रदेश नेताओं के साथ कांग्रेस हाई कमान के प्रतिनिधि बैठक कर सकते हैं।