जयपुर: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उदयपुर के कन्हैयालाल हत्याकांड को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। गहलोत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन द्वारा दिए गए बयान को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया। उन्होंने कहा कि इस संवेदनशील मामले को लेकर देश के सामने गलत तस्वीर पेश की जा रही है।
अशोक गहलोत ने अपने बयान में साफ किया कि कन्हैयालाल हत्याकांड के बाद राजस्थान पुलिस ने बिना किसी देरी के तुरंत कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। उन्होंने कहा कि यह कहना कि इस मामले में कोई एक्शन नहीं लिया गया, राज्य पुलिस की कार्यकुशलता और सच्चाई दोनों पर सवाल उठाने जैसा है।
एनआईए को केस सौंपे जाने के बाद अटका न्याय
गहलोत ने कहा कि शुरूआत जांच और गिरफ्तारी के बाद यह मामला केंद्र सरकार द्वारा एनआईए को सौंप दिया गया। इसके बाद से ही न्यायिक प्रक्रिया लंबी होती चली गई। उन्होंने आरोप लगाया कि 2022 से लेकर अब 2026 तक कन्हैयालाल का परिवार आज भी न्याय की प्रतीक्षा कर रहा है, जो बेहद पीड़ादायक और दुर्भाग्यपूर्ण है।
अमित शाह पर चुप्पी साधने का आरोप
पूर्व सीएम ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि वे बार-बार यह सवाल उठाते रहे हैं कि हत्यारों को सजा कब मिलेगी, लेकिन इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया जाता। गहलोत का आरोप है कि गृह मंत्री राजस्थान आने पर भी इस मुद्दे से बचते नजर आते हैं और मामले को “गोल” कर जाते हैं।
गहलोत ने अपने बयान में यह दावा भी किया कि कन्हैयालाल के हत्यारे भाजपा से जुड़े कार्यकर्ता थे। उन्होंने कहा कि इतने स्पष्ट और खुले मामले में अब तक सजा न मिलना जनता के मन में यह आशंका मजबूत कर रहा है कि कहीं राजनीतिक पक्षपात के चलते न्याय में देरी तो नहीं हो रही।
मुआवजे को लेकर चुनावी राजनीति का आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा पर चुनावों के दौरान इस हत्याकांड को लेकर 5 लाख बनाम 50 लाख रुपये के मुआवजे का झूठा मुद्दा खड़ा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वास्तविकता यह है कि कन्हैयालाल के परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया और उनके दोनों बेटों को सरकारी नौकरी भी प्रदान की गई।
परिवार को जल्द न्याय दिलाने की मांग की
अपने बयान के अंत में अशोक गहलोत ने कहा कि देश की जनता सब कुछ देख रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि न्याय में देरी और राजनीतिक चुप्पी की जवाबदेही समय आने पर तय होगी. गहलोत ने केंद्र सरकार से इस मामले में स्पष्टता और पारदर्शिता बरतते हुए पीड़ित परिवार को जल्द न्याय दिलाने की मांग की।