जयपुर: यहां एक निजी स्कूल के 4,000 से अधिक छात्रों ने बुधवार को जीवनरक्षक आपात प्रतिक्रिया के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए मैनिकिन पर सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) का अभ्यास कर गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया। एक आधिकारिक बयान के अनुसार कुल 4,317 प्रतिभागियों ने एक ही स्थान और एक ही समय पर 2,000 मानव मैनिकिन पर सीपीआर का अभ्यास किया। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी आपात स्थितियों में सीपीआर से जीवित रहने की संभावना काफ़ी बढ़ जाती है।
इस आयोजन ने एक स्थान पर सीपीआर रिले में भाग लेने वाले लोगों की सबसे अधिक संख्या और आपातकालीन प्रक्रिया के अभ्यास के लिए एक साथ सबसे अधिक डमी इस्तेमाल किए जाने दोनों के रिकॉर्ड बनाए। इससे पहले सीपीआर रिले में अधिकतम भागीदारी का रिकॉर्ड 2024 में बेंगलुरु में 3,319 लोगों का था, जबकि इस तरह के अभ्यास में इस्तेमाल की गई मैनिकिन की संख्या का रिकॉर्ड 2000 में इंग्लैंड में 278 का था।
यह कार्यक्रम अचानक हृदयगति रुकने (सडन कार्डियक अरेस्ट) के मामलों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए आयोजित किया गया, जिनमें हाल के वर्षों में खासकर युवाओं के बीच वृद्धि देखी गई है। रिकॉर्ड की पुष्टि के लिए गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की एक टीम भी मौजूद थी।