सिरोही(राजस्थान): प्रेम विवाह करने की वजह से समाज के पंचों ने सिरोही जिले के पिंडवाड़ा इलाके में एक पूरे परिवार को तुगलकी फरमान सुनाया है। जिसके तहत पंचों ने न सिर्फ परिवार को समाज में हुक्का पानी बंद कर दिया, बल्कि 7.5 लाख रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है।
सिरोही जिले के पिंडवाड़ा इलाके में समाज के कुछ पंचों के तुगलकी फरमान ने एक पूरे परिवार की जिंदगी अस्त-व्यस्त कर दी है। प्रेम विवाह करने की वजह से समाज के पंचों ने न सिर्फ परिवार को समाज निकाला दिया, बल्कि 7.5 लाख रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है। इस गंभीर मामले को लेकर पीड़ित परिवार ने पिंडवाड़ा थाने में पंचों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है, जिस पर पुलिस जांच कर रही है।
प्रेम विवाह पर पंचों ने जारी किया तुगलकी फरमान
मामले की जानकारी देते हुए पिंडवाड़ा के रहने वाले राजेंद्र माली ने बताया कि उसने अपने ही समाज की शिवगंज की एक लड़की से प्रेम विवाह किया था। यह शादी समाज के कुछ कथित ठेकेदारों यानी पंचों को मंजूर नहीं थी। इसके बाद पंचायत बैठाकर राजेंद्र माली और उसके पूरे परिवार को सजा सुनाई। जिसमें पंचों ने तुगलकी फरमान सुनाते हुए परिवार पर 7.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। साथ ही समाज की दावत के नाम पर लाखों रुपये एक्स्ट्रा खर्च करवाए।
मानसिक प्रताड़ना से जूझ रहा है परिवार
राजेंद्र माली ने आगे बताया कि कुछ समय पहले पंचों ने उनके बड़े भाई के खिलाफ भी ऐसा ही तुगलकी फरमान जारी किया था। उस समय उनके बड़े भाई पर 3.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था, जिसे उनके भाई ने चुका दिया था। इसके बाद उसे समाज में शामिल कर लिया गया था। इसके अलावा पीड़ित परिवार का आरोप है कि उन्होंने पंचों के सामने बार-बार हाथ जोड़कर विनती की, लेकिन उन्होंने परिवार को समाज से निकाल दिया, जिससे सामाजिक और मानसिक प्रताड़ना बढ़ती गई।
मानसिक तनाव में पहुंचे पीड़ित के पिता
इस तुगलकी फरमान का सबसे दर्दनाक असर राजेंद्र के पिता पर पड़ा। सामाजिक अपमान और आर्थिक बोझ के कारण वे गहरे मानसिक तनाव में चले गए। सदमे की वजह से उनकी तबीयत काफी बिगड़ गई है। परिवार पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहा था और अब इलाज के खर्च ने उनकी कमर तोड़ दी है।
पुलिस की कार्रवाई शुरू
हार मानकर अब पीड़ित परिवार ने पिंडवाड़ा पुलिस थाने में नामजद शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस ने पंचों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मामले को लेकर अधिकारियों का कहना है कि किसी को भी कानून हाथ में लेने या समानांतर व्यवस्था चलाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। पुलिस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है और सबूत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।