राज्य में SIR की प्रक्रिया अभी तक चल रही है। सुनवाई की प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हुई है। 14 फरवरी को SIR की अंतिम मतदाता सूची जारी होगी अथवा नहीं इस बात को लेकर भी संशय का माहौल है। ऐसी स्थिति में चुनाव आयोग ने राज्य में विधानसभा चुनाव से जुड़ी तैयारियां भी शुरू कर दी है। चुनाव आयोग ने BLO को इस बाबत चेतावनी दे डाली है।
राज्य में मतदाता सूची के गहन संशोधन का काम शुरू होने के बाद ऐसा देखा गया है कि अक्सर BLO चुनाव आयोग के खिलाफ विभिन्न आरोप लगाकर अपना विरोध जता रहे हैं। कभी अतिरिक्त काम का दबाव तो कभी पारिश्रमिक न मिलने के आरोप लगाया गया है। अब वोटर स्लिप को लेकर BLO के लिए चुनाव आयोग का नया निर्देश आया है।
चुनाव आयोग सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार BLO को चुनाव आयोग के लोगो वाला वोटर स्लिप घर-घर जाकर देना पड़ेगा। इस स्लिप में वोटर का नाम, उम्र, पता, एपिक नंबर, पार्ट नंबर, बूथ नंबर और बूथ का नाम उल्लेखित रहेगा। वर्ष 2018 में चुनाव आयोग की ओर से जारी इस निर्देशिका में कहा गया है कि घर-घर जाकर वोटर स्लिप वितरित करने की जिम्मेदारी BLO की होगी।
हालांकि कई साल पहले ही यह निर्देशिका जारी की गयी थी लेकिन चुनावों के समय यह लागू नहीं हुई थी। आमतौर पर विभिन्न राजनैतिक पार्टियों के सदस्य ही घर-घर जाकर वोटर स्लिप वितरित करते हैं। लेकिन इस बार चुनावों में पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए खुद जारी की हुई वोटर स्लिप को ही चुनाव आयोग अधिक महत्व दे रहा है।
बताया गया है कि अगर किसी मतदाता के घर पर संबंधित बूथ का BLO वोटर स्लिप देकर नहीं आता है तो ऐसी स्थिति में मतदाता 1950 पर कॉल करके BLO के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा सकता है। शिकायत दर्ज होने के 24 घंटों के अंदर ही आयोग BLO के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा।