🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

क्या बंगाल में भी बढ़ेगी SIR की समय सीमा? जानिए राज्य CEO ऑफिस ने क्या बताया!

क्या पश्चिम बंगाल में भी अंतिम मतदाता सूची जारी होने की तारीख बदलने वाली है? अंतिम मतदाता सूची से कितने लोगों के नाम हटेंगे?

By Shubhrajit Chakraborty, Posted By : Moumita Bhattacharya

Feb 07, 2026 09:59 IST

उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची में चल रहे गहन संशोधन यानी SIR की समय सीमा को बढ़ा दिया गया है। क्या बंगाल में भी यह समय सीमा बढ़ेगी? CEO ऑफिस के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राज्य के कई जिलों के कुछ विधानसभा केंद्रों में सुनवाई की प्रक्रिया अभी भी चल रही है। इससे संबंधित रिपोर्ट लेकर ही शनिवार की सुबह चुनाव आयोग के पास सुनवाई की समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध करते हुए CEO मनोज कुमार अग्रवाल आवेदन करने वाले हैं।

राज्य के CEO ने सभी जिलों के DEO से सुनवाई से संबंधित अपडेट लेना शुरू भी कर दिया है। पहले ही दक्षिण 24 परगना जिले के DEO ने सुनवाई की समय सीमा को बढ़ाने का आवेदन किया था। इसके अलावा उत्तर कोलकाता और मालदह जिले के DEO ने भी सुनवाई की समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध CEO ऑफिस से किया था।

वहीं दूसरी तरफ मनोज कुमार अग्रवाल ने बताया कि कर्सियांग में कुछ जगहों पर सुनवाई अभी भी बाकी है। उत्तर कोलकाता के विधानसभा केंद्र संख्या 166, 167 और 168 में सुनवाई पूरी हो चुकी है लेकिन बाकी केंद्रों में अभी भी चल रही है।

हालांकि अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि सिर्फ उन्हीं केंद्रों में सुनवाई की समय सीमा बढ़ाई जाएगी जहां अभी भी प्रक्रिया चल रही है अथवा पूरे राज्य में सुनवाई की समय सीमा बढ़ेगी! इस बारे में अंतिम निर्णय चुनाव आयोग ही लेगा। अगर सुनवाई की समय सीमा बढ़ाई जाती है तो कितने दिनों के लिए बढ़ेगी इस बारे में राज्य के CEO ने कोई जानकारी नहीं दी है। इसलिए अब खुद राज्य चुनाव आयोग को भी लग रहा है कि अंतिम मतदाता सूची को जारी करने की तारीख भी अब बदलने वाली है।

इस बीच मतदाता सूची से करीब 50,000 लोगों का नाम हटाने की सिफारिश खुद ERO ने भी कर दी है। CEO ऑफिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इनमें से कोई भी सुनवाई के दौरान उपस्थित नहीं हुआ था। इनके बारे में कोई जानकारी भी नहीं मिल सकी है। अंतिम मतदाता सूची से कितने नाम हटाए जाएंगे इस बारे में भी निश्चित तौर पर कुछ कहा नहीं जा सकता है।

हालांकि राज्य CEO ऑफिस की ओर से इतना जरूर स्पष्ट कर दिया गया है कि अगर किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से हटाया जाता है तो क्यों हटाया गया इसकी जानकारी देते हुए आयोग की ओर से एक पत्र उक्त व्यक्ति के घर पहुंच जाएगा।

Prev Article
खत्म होगी आशाकर्मियों की हड़ताल, बैठक में कौन-कौन से आश्वासन दिए गए ?
Next Article
कौन से 'स्थायी निवासी प्रमाणपत्र' होंगे SIR में स्वीकृत? आखिरी पड़ाव पर पहुंचकर चुनाव आयोग ने बताया

Articles you may like: