🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

क्या फिर से शुरू होगी कोलकाता-लंदन के बीच सीधी उड़ान सेवाएं? क्या बताया एयरपोर्ट डायरेक्टर ने, जानिए यहां

कोलकाता से औसतन 900 यात्री हर रोज यूरोप जा रहे हैं।

By Sunando Ghosh, Posted By : Moumita Bhattacharya

Feb 07, 2026 14:02 IST

मार्च 2009 में ब्रिटिश एयरवेज़ ने आखिरी बार कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी। उसके बाद से लेकर अब तक करीब 17 सालों का समय बीत चुका है लेकिन कोलकाता से साथ यूरोप का हवाई मार्ग से सीधा संपर्क फिर से स्थापित नहीं हो पाया।

वहीं दूसरे शहरों की बात करें तो दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई और यहां तक कि हैदराबाद तक के साथ यूरोप की सीधी उड़ान उपलब्ध है। कोलकाता से अगर किसी को यूरोपिय शहरों में जाना होता है तो उसे इन शहरों से होकर तब अपने गंतव्य की तरफ बढ़ना पड़ता है।

आंकड़ों पर अगर नजर डाली जाए तो कोलकाता एयरपोर्ट से होकर साल 2025 में करीब 2 करोड़ 18 लाख यात्रियों ने आवाजाही की है। इसमें से 30 लाख यात्री अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के रहे हैं यानी औसतन हर महीने लगभग ढाई लाख यात्री। हाल ही में कोलकाता एयरपोर्ट के डायरेक्टर का पद विक्रम सिंह ने संभाला है। वह इससे पहले साल 2012 में भी कोलकाता एयरपोर्ट पर कार्यरत थे लेकिन बाद में वह दिल्ली चले गए।

अब फिर से एक बार कोलकाता एयरपोर्ट की कमान संभालने के बाद विक्रम सिंह का कहना है, "कई ट्रैवल एजेंट एसोसिएशन से बात करने के बाद पता चला है कि कोलकाता से औसतन 900 यात्री हर रोज यूरोप जा रहे हैं। अगर ऐसी ही स्थिति है तो फिर सीधी उड़ान क्यों नहीं होगी?" उन्होंने कहा कि इसलिए फिर से एयर इंडिया समेत यूरोपियन एयरलाइंस को पत्र लिखकर कोलकाता-लंदन के बीच या फिर गैटविक तक की सीधी उड़ान सेवा को शुरू करने के लिए कहा है।

बुद्धदेव भट्टाचार्य जब मुख्यमंत्री थे उस समय ब्रिटिश एयरवेज के चले जाने के बाद उन्होंने कई बार अनुरोध किया था। साल 2011 में जब ममता बनर्जी ने भी मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली तब भी कई बार यह मुद्दा उठाया गया था। वह लंदन जाकर भी ब्रिटिश एयरवेज से अनुरोध करके आ चुकी हैं।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से भी जब मिली तब उनसे भी अनुरोध किया था लेकिन इन सबका कोई फायदा नहीं हुआ। विक्रम सिंह बताते हैं कि यहां से यात्री अक्सर यूरोप के लिए आवाजाही करते हैं। वे सभी एमिरेट्स, कतर, ऐतिहाद यहां तक कि सिंगापुर एयरलाइंस के माध्यम से यूरोप तक का सफर तय करते हैं। कई यात्री तो दिल्ली-मुंबई होकर जाते हैं।

दिशारी टूरिस्ट हब प्राइवेट लिमिटेड जो नियमित रूप से यूरोप का टूर करवाता है, उसके प्रमुख अमित जाना का कहना है कि समझ में नहीं आ रहा है कि क्यों कोई सीधी उड़ान का संचालन नहीं कर रहा है। गर्मी की छुट्टियों में बड़ी संख्या में यात्री यूरोप जा रहे हैं। कोलकाता से नियमित तौर पर कतर, एमिरेट्स, ऐतिहाद की फ्लाइट की बुकिंग फुल चल रही है। माना जा सकता है कि लगभग 30-40 प्रतिशत यात्री ही यूरोप जाते हैं।

अब तक सीधी उड़ान का संचालन नहीं किया गया है लेकिन अब अचानक क्यों कोई संचालित करेगा? इसके जवाब में विक्रम सिंह की दलील है कि टर्मिनल बिल्डिंग में इंटरनेशनल की तरफ वाले हिस्से का विस्तार किया जा रहा है जो मार्च में शुरू हो जाएगी। पहले टर्मिनल की वार्षिक क्षमता 2 करोड़ 60 लाख यात्रियों की थी जो अब 20 लाख और बढ़ जाएगी।

हम इसे ही सबके सामने रखने वाले हैं। कोलकाता से अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों की संख्या बढ़ रही है। थाईलैंड का विएटजेट ने नई उड़ान सेवाएं शुरू की है। चीन के ग्वांगज़ंवे ने भी उड़ानों को शुरू किया है। इसके साथ ही एयर इंडिया भी बड़ी संख्या में नए विमान ला रहा है।

इस साल जनवरी में हैदराबाद में आयोजित एयर शो में 30 नए विमानों का ऑर्डर दिया गया है। इसलिए वे भी अब रूट बढ़ाना चाहेंगे। इसी वजह से हम प्रस्ताव दे रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार विक्रम सिंह ने सिर्फ एयर इंडिया ही नहीं बल्कि ब्रिटिश एयरवेज़ और लुफ्थांसा को भी उड़ानों का संचालन करने के लिए अनुरोध किया है।

ट्रैवल एजेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल पंजाबी का कहना है, "जो नियमित तौर पर लंदन या यूरोप जाते हैं, वह सीधी उड़ान के बारे में ही सबसे पहले सोचते हैं। ऐसे यात्रियों की संख्या काफी ज्यादा है। डायरेक्ट फ्लाइट का खर्च भी तुलनात्मक रूप से कम होता है।"

Prev Article
SSKM अस्पताल में शुरू हो रहा है कैंसर ट्रिंटमेंट हब, कब से शुरू होगा यहां मरीजों का इलाज?
Next Article
कौन से 'स्थायी निवासी प्रमाणपत्र' होंगे SIR में स्वीकृत? आखिरी पड़ाव पर पहुंचकर चुनाव आयोग ने बताया

Articles you may like: