आरजी कर अस्पताल में युवा डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या के मामले की जांच करने वाली सीबीआई अधिकारी सीमा पाहुजा को मिली पदोन्नति। अब तक वह चंडीगढ़ में भ्रष्टाचार दमन शाखा की अतिरिक्त पुलिस सुपर (ASP) के पद पर कार्यरत थी। लेकिन अब पदोन्नति के बाद वह पुलिस सुपर (SP) बन गयी हैं।
उन्हें सीबीआई की दिल्ली स्पेशल क्राइम ब्रांच (1) का SP बनाया गया है। आरजी कर दुष्कर्म और हत्या मामले की जांच की जिम्मेदारी में भी उक्त सीबीआई अधिकारी को बहाल रखा गया है। इसके अलावा सीबीआई के 6 अन्य अधिकारियों का तबादला किया गया है।
हालांकि सीमा पाहुजा की जांच को लेकर आरजी कर अस्पताल में मृत युवा डॉक्टर 'अभया' के माता-पिता ने सवाल उठाया था। जांच की गति को लेकर उन्होंने सीबीआई के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की थी। इस घटना के पीछे कोलकाता पुलिस का पूर्व सिविक वॉलंटियर संजय राय ही एकमात्र दोषी है, इसे मानने के लिए 'अभया' के माता-पिता राजी नहीं थे।
सीबीआई सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सीमा पाहुजा को मिली यह पदोन्नति रुटीन प्रक्रिया का हिस्सा है। इससे पहले हाथरस मामले में भी सीबीआई द्वारा गठित टीम की सदस्य सीमा पाहुजा रह चुकी थी। बताया जाता है कि डिपार्टमेंट में उनकी तस्वीर काफी साफ-सुथरी है।
गौरतलब है कि आरजी कर में आर्थिक भ्रष्टाचार मामले की जांच करने वाले सीबीआई अधिकारी मनीष कुमार उपाध्याय को गणतंत्र दिवस के मौके पर विशेष पदक सम्मान प्रदान किया गया था।