राज्य का बजट 'पिपल-फर्स्ट' बजट है - उत्साहित अभिषेक बनर्जी ने अंतरिम बजट की प्रशंसा करते हुए उक्त बात कही। मात्र 4 दिनों पहले ही केंद्रीय बजट पेश हुआ जिसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगभग 5100 मिनट का भाषण दिया था। उस भाषण में शायद ही बंगाल का नाम का उन्होंने उल्लेख किया था जिसे लेकर सांसद व तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने रोष जताया था।
गुरुवार को राज्य बजट में लक्ष्मी भंडार का भत्ता बढ़ाने से लेकर सामाजिक सुरक्षा परियोजनाओं में भी कई घोषणाएं की गयी जिसे लेकर अभिषेक बनर्जी ने राज्य की ममता बनर्जी की सरकार का धन्यवाद किया।
रात को अपने आधिकारिक X हैंडल पर पोस्ट कर अभिषेक बनर्जी ने लिखा, 'पिपल-फर्स्ट बजट दूरदर्शिता, सहानुभूति और सुव्यवस्थित विकास का रास्ता दिखाया है।' विभिन्न जनहित परियोजनाओं में राज्य के आवंटन का उल्लेख करते हुए उन्होंने लिखा है, 'भूमिहीन किसानों को 4000 रुपया का आवंटन एक सराहनीय कदम है और तृणमूल के स्तर से इस समस्या की ओर ध्यान भी दिया गया है।'
उन्होंने कहा कि सरकारी ट्यूबवेल और आरएलआई परियोजना के तहत सिंचाई का काम में सम्पूर्ण छूट देने की वजह से छोटे और सीमावर्ती इलाकों के किसानों को काफी सुविधा होगी। इससे गांवों की अर्थव्यवस्था की नींव मजबूत होगी। साल 2006 में सिंगुर आंदोलन के समय से ही तृणमूल अपने कार्यों के माध्यम से लगातार किसानों के साथ खड़ा है।
I wholeheartedly welcome GoWB’s Interim State Budget for FY 2026–27, a people-first Budget that reflects compassion, foresight and commitment to inclusive growth.
— Abhishek Banerjee (@abhishekaitc) February 5, 2026
The annual support of ₹4,000 for landless agricultural farmers is a visionary move that addresses vulnerability at…
'युवासाथी' परियोजना के माध्यम से 21 से 40 साल के युवाओं को 5 सालों तक हर महीने ₹1500 देने के फैसले को उन्होंने 'लैंडमार्क फैसला' करार दिया। अभिषेक बनर्जी की समीक्षा के मुताबिक - इससे युवाओं में कमाई के मौके प्राप्त करने का उत्साह बढ़ेगा। आशा व ICDS कर्मियों, पैरा शिक्षकों, शिक्षामित्रों, सिविक वॉलंटियर, ग्रामीण पुलिस का भत्ता बढ़ाया गया है। इसकी वजह से समाज में जो लोग सबसे अधिक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं बजट में उन्हें भी स्वीकृति दी गयी है।
अभिषेक बनर्जी का मानना है कि महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए ही 'लक्ष्मी भंडार' परियोजना का भत्ता बढ़ाया गया है। सामान्य श्रेणी की महिलाओं का मासिक भत्ता ₹500 बढ़ाया गया जिससे इनका मासिक भत्ता अब बढ़कर ₹1500 हो जाएगा। वहीं अनुसूचित जाति व जनजाति की महिलाओं का मासिक भत्ता बढ़कर ₹1700 हो जाएगा।
अभिषेक बनर्जी ने कहा, 'यह बजट आत्मनिर्भर बंगाल बनाने के लक्ष्य में उम्मीदों को बढ़ावा देने, आत्मविश्वास को जगाने और एक शक्तिशाली कदम का उदाहरण है। आम लोगों को लिए वास्तविक बजट पेश करने के लिए मां-माटी-मानुष की सरकार को मेरी शुभकामनाएं हैं।'