वाराणसीः बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान संस्थान के जननिकी और पौध प्रजनन विभाग ने अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान, फिलीपींस के सहयोग से ‘जलवायु-सहिष्णु कृषि के लिए अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन: सतत विकास, नवाचार और समाधान (ICCRA2026)’ आयोजित करने की घोषणा की है। यह सम्मेलन 5 से 7 फरवरी 2026 तक चलेगा।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों पर वैश्विक ध्यान आकर्षित करना और कृषि में नवाचार, नई तकनीक और नीति समाधान पर विचार-विमर्श करना है।
सम्मेलन के संयोजक श्रवण कुमार सिंह और आयोजन सचिव जे. जोरबेन ने बताया कि इसमें 500 से अधिक प्रतिभागी भाग लेंगे। इनमें वैज्ञानिक, शिक्षाविद, नीति निर्माता, उद्योग विशेषज्ञ, शोधकर्ता और प्रगतिशील किसान शामिल होंगे। प्रतिभागी भारत के 23 राज्यों के साथ-साथ अमेरिका, मेक्सिको, फिलीपींस, सर्बिया और नेपाल जैसे देशों से भी आएंगे।
सम्मेलन में चर्चा के मुख्य विषय होंगे: जलवायु-स्मार्ट कृषि, सतत फसल उत्पादन, जीनोमिक्स और प्रजनन नवाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन सीखने के कृषि में उपयोग, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और कृषि उद्यमिता।
बीएचयू के कुलपति अजीत कुमार चतुर्वेदी ने सम्मेलन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। संस्थान के निदेशक प्रो. यू.पी. सिंह ने इसे समयानुकूल पहल बताते हुए कहा कि यह कृषि में जलवायु परिवर्तन से निपटने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। आईआरआरआई की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. स्वाति नायक और उनकी टीम सम्मेलन की सफलता में सहयोग कर रही हैं।
आयोजकों का कहना है कि यह सम्मेलन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भविष्य की कृषि रणनीतियों को आकार देने में मदद करेगा और जलवायु-सहिष्णु कृषि को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होगा।