5 फरवरी (गुरुवार) को पश्चिम बंगाल विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अंतरिम बजट पेश किया गया। इस साल के बजट में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने सौगातों की झड़ी लगा दी। युवाओं से लेकर महिलाओं तक, बेरोजगारों से लेकर राज्य सरकार के कर्मचारियों तक और रिटायर्ड कर्मचारियों की झोली में कुछ न कुछ जरूर डाला गया है।
विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा भी किया कि विधानसभा चुनाव की बात को ध्यान में रखते हुए उन्होंने कोई घोषणा नहीं की है। वह जो वादा करती हैं, उसे निभाती हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया कि 1 करोड़ 72 लाख से अधिक लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाल कर लायी हूं।
आइए एक नजर देख लेते हैं कि अंतरिम बजट में राज्य सरकार ने कौन-कौन सी प्रमुख घोषणाएं की हैं -
- 'लक्ष्मी भंडार' परियोजना में दी जाने वाली आर्थिक मदद में ₹500 का इजाफा।
- राज्य सरकार के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (DA) 4% बढ़ा।
- सिविक वॉलंटियर का वेतन ₹1000 बढ़ाया गया।
- आशा कर्मियों का मासिक भत्ता ₹1000 बढ़ा।
- आंगनवाड़ी कर्मियों का मासिक भत्ता भी ₹1000 बढ़ा।
- पैरा शिक्षकों, शिक्षामित्रों आदि का मासिक भत्ता ₹1000 बढ़ा।
- काम करते हुए अगर आशा कर्मियों और सिविक वॉलंटियर की मौत हो जाती है तो परिवार को 5 लाख रुपए आर्थिक मदद की जाएगी।
- आशा कर्मियों को 180 दिनों का मातृत्व अवकाश मिलेगा।
- 7वें वेतन आयोग की घोषणा।
- बेरोजगार युवाओं के लिए शुरू होगा 'बांग्लार युवा साथी' परियोजना।
- पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य परियोजना में 75% की अतिरिक्त कैशलेस इलाज की सुविधा बढ़ी।