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DA मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ममता बनर्जी ने अपनी प्रतिक्रिया में क्या कहा?

विधानसभा में बजट अधिवेशन के बाद राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, 'हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पूरा रिव्यू करके देखेंगे।'

By Debdeep Chakraborty, Posted By : Moumita Bhattacharya

Feb 05, 2026 17:56 IST

गुरुवार (5 फरवरी) को महंगाई भत्ता के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार के कर्मचारियों के पक्ष में अपना फैसला सुनाया। अगले 6 महीने में बकाया महंगाई भत्ता का 25% हिस्सा देने और बाकी का 75% हिस्सा किस प्रकार मिलेगा, इस बारे में सब कुछ निर्धारित करने के लिए एक नयी कमेटी का गठन करने का फैसला भी सुनाया है। विधानसभा में बजट अधिवेशन के बाद राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, 'हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पूरा रिव्यू करके देखेंगे।'

वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतरिम बजट में राज्य के कर्मचारियों को 4% महंगाई भत्ता (DA) देने की घोषणा की गयी है लेकिन केंद्रीय दर से महंगाई भत्ता देने की मांग पर अदालत में राज्य सरकार के कर्मचारियों ने आवेदन किया था। पिछले लगभग 10 साल से चल रहे इस मामले की आखिरकार सुनवाई पूरी हुई और गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया।

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सुप्रीम कोर्ट ने महंगाई भत्ता देने के मामले में राज्य सरकार के खिलाफ अपना फैसला सुनाया। यहां तक कि महंगाई भत्ते के बाकी बचे 75% हिस्से को देने के मामले में राज्य सरकार से बातचीत करने के लिए एक कमेटी का गठन करने का फैसला सुनाया।

इस बारे में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए ममता बनर्जी ने कहा, "जिस कमेटी का गठन करने की बात कही गयी है वहां सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश और कैग (CAG) के अधिकारियों के बारे में तो बात कही गयी है लेकिन वहां राज्य सरकार के किसी प्रतिनिधि को शामिल करने के बारे में कुछ नहीं कहा गया है। हम इस फैसले का अध्ययन करेंगे। वकीलों के साथ बात करेंगे।"

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इसके साथ ही मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती के नेतृत्व में 5 सदस्यीय एक कमेटी का भी गठन किया गया है। इस कमेटी का काम सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद क्या करना चाहिए, यह तय करना है। बताया जाता है कि इस कमेटी के पर्यवेक्षण के बाद ही राज्य सरकार अगला कदम उठाएगी।

राज्य के सरकारी कर्मचारियों के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा, 'कई राज्य ऐसे हैं जहां कर्मचारियों को पेंशन नहीं दिया जाता है। एक मात्र बंगाल ऐसा राज्य है जहां सरकारी कर्मचारियों को पेंशन मिलता है। पश्चिम बंगाल के सरकारी कर्मचारियों को जो सुविधाएं मिलती है वह और कहीं नहीं दी जाती है। लेकिन मैं अगर पेंशन न दूं तो जरा सोचिए कितना रुपया बच जाएगा। लेकिन ऐसा करने पर पेंशनभोगी क्या करेंगे!'

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