गुरुवार (5 फरवरी) को पश्चिम बंगाल विधानसभा में राज्य का अंतरिम बजट पेश किया गया। राज्य के बजट में आशा कर्मियों के लिए बड़ी घोषणा की गयी है। ASHA कर्मियों के मासिक भत्ता में ₹1000 की वृद्धि की गयी है। बताया गया है कि इस साल अप्रैल से आशा कर्मियों को बढ़ा हुआ भत्ता मिलेगा। इसके साथ ही आशा कर्मियों को 180 दिनों की मातृत्व अवकाश (Maternity leave) देने की घोषणा भी की गयी है।
बताया जाता है कि सरकार के अधीनस्थ अन्य महिला कर्मचारियों को मातृत्व अवकाश के दौरान जो-जो सुविधाएं मिलती हैं, वह सभी आशा कर्मियों को भी मिलेगी। साथ ही कार्यरत स्थिति में यदि किसी आशा कर्मी की मौत हो जाती है तो उसके परिजनों को एक बार 5 लाख रुपए की आर्थिक मदद की जाएगी। इसके लिए अगले वित्तीय वर्ष में 100 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
सिविक वॉलंटियर का मासिक वेतन बढ़ा
राज्य के अंतरिम बजट में सिविक वॉलंटियर का मासिक वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव भी दिया गया है। बताया जाता है कि इनका वेतन ₹1000 बढ़ने का प्रस्ताव दिया गया। इसके साथ ही कार्यरत सिविक वॉलंटियर की मौत होने पर परिजनों को 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता करने घोषणा भी की गयी है। अब तक 3 लाख रुपए की आर्थिक मदद की जाती थी।
सिर्फ सिविक वॉलंटियर ही नहीं बल्कि ग्रामीण पुलिस और ग्रीन पुलिस को भी यह सुविधा प्रदान करने का प्रस्ताव दिया गया है। इनका भत्ता भी बढ़ाया जाएगा। अब तक सिविक वॉलंटियर, ग्रीन पुलिस और ग्रामीण पुलिस को मिलाकर कुल 1 लाख 25 हजार से अधिक व्यक्ति कार्यरत हैं। इसके लिए वित्तीय वर्ष में 150 करोड़ रुपए आवंटित करने की घोषणा की गयी है।
ICDS कर्मियों का भत्ता बढ़ा
राज्य के अंतरिम बजट में ICDS कर्मियों के लिए बड़ी घोषणा की गयी है। बताया गया है कि ICDS कर्मी बच्चों की देखभाल, उनके स्वास्थ्य और पौष्टिक भोजन आदि की सुविधाएं प्रदान करते हैं। यह बेहद महत्वपूर्ण एक मामला है। इसलिए इस साल अप्रैल से आंगनवाड़ी कर्मियों और आंगनवाड़ी सहायिकाओं का मासिक भत्ता भी ₹1000 बढ़ाया जा रहा है। यदि कार्यरत स्थिति में किसी की मौत होती है तो परिजनों को एक बार 5 लाख रुपए की आर्थिक मदद की जाएगी।
बढाया गया पैरा शिक्षकों का भत्ता
राज्य के पैरा शिक्षकों, शिक्षामित्रों, सहायकों, सम्प्रसारक, मुख्य सम्प्रसारक समेत स्पेशल एडुकेशन व मैनेजमेंट कर्मचारियों का मासिक भत्ता भी ₹1000 बढ़ाया गया है। इस साल अप्रैल से ही नया वेतन लागू होगा। इनमें से किसी भी कर्मचारी की यदि कार्यरत रहते हुए मृत्यु हो जाती है तो उसके परिवार को एक बार ₹5 लाख की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।