राज्य के युवाओं के लिए सरकार ने नयी परियोजना की घोषणा की है। गुरुवार (5 फरवरी) को विधानसभा में बजट पेश करते हुए राज्य की वित्त विभाग की स्वतंत्र मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने 'बांग्लार युवा-साथी' नामक परियोजना की घोषणा की है। इस परियोजना के तहत 21 से 40 वर्ष के बेरोजगारों को राज्य सरकार प्रत्येक महीने ₹1500 की सहायता राशि प्रदान करेगी। दोपहर करीब 2.30 बजे से चंद्रिमा भट्टाचार्य ने बजट पढ़ना शुरू किया।
इसी दौरान उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार का रास्ता दिखाने के लिए 'बांग्लार युवा-साथी' परियोजना की घोषणा की जा रही है। मुख्य रूप से बेरोजगारों के लिए यह परियोजना शुरू की जा रही है। बजट में इस परियोजना के बारे में विस्तार से जानकारी भी प्रदान की गयी है। किन युवाओं को इस परियोजना का लाभ मिलेगा और किन शर्तों के आधार पर इस परियोजना का लाभ उठाया जा सकेगा? इस बाबत विस्तार से जानकारी प्रदान की गयी है।
बताया जाता है कि माध्यमिक की परीक्षा में उत्तीर्ण होने पर बंगाल के युवाओं को इस परियोजना का लाभ मिलेगा। 21 साल से 40 वर्ष के बेरोजगार युवा इस परियोजना के तहत आवेदन कर सकते हैं। आवेदन मंजूर होने पर अधिकतम 5 सालों के लिए उन्हें इस परियोजना का लाभ मिलेगा जिसमें हर महीने ₹1500 का बेरोजगार भत्ता मिलेगा।
हालांकि इस परियोजना की एक शर्त यह भी है कि अगर आवेदक राज्य सरकार की किसी सामाजिक सुरक्षा परियोजना का लाभ उठाता है तो उसे यह भत्ता नहीं दिया जाएगा। लेकिन शिक्षा से संबंधित परियोजनाओं को इस भत्ते की शर्तों से बाहर रखा गया है। अगर किसी बेरोजगार युवा को स्कॉलरशिप मिलता है तो उसे यह भत्ता प्राप्त करने में कोई असुविधा नहीं होगी।
इस परियोजना को स्वतंत्रता दिवस के दिन से शुरू करने की योजना बनायी गयी है। बताया गया है कि 15 अगस्त 2026 से यह परियोजना लागू होगी। इसके बाद ही युवा इस परियोजना के तहत आवेदन कर सकेंगे। इस परियोजना के लिए राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में 5 हजार करोड़ रुपए आवंटित किया है।