विधानसभा चुनाव से पहले अंतरिम बजट में राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए खुशखबरी सुनाई है। गुरुवार (5 फरवरी) को राज्य सरकार ने 7वें वेतन आयोग (Pay Commission) की घोषणा की है। इसके साथ ही राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए और 4% महंगाई भत्ता में वृद्धि करने की घोषणा की है। इसकी वजह से महंगाई भत्ता (DA) कुल मिलाकर 18% से बढ़कर 22% पर पहुंच गया है। बताया जाता है कि यह 1 अप्रैल से लागू होगा।
पिछली बजट में वित्त विभाग की तत्कालीन स्वतंत्र मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने राज्य सरकार के कर्मचारियों का DA बढ़ाने की घोषणा की थी। लेकिन गुरुवार को की गयी यह घोषणा बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इसी दिन वर्ष 2008 से 2019 तक पश्चिम बंगाल के सरकारी कर्मचारियों का बकाया DA मामले में अपना सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है।
Read Also | Supreme Court DA Case : फैसला राज्य कर्मचारियों के पक्ष में, मार्च तक 25% और मई में देनी होगी रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा है कि बकाया DA का 25% अविलंब (6 सप्ताह के अंदर) देना होगा। बाकी DA को देने के लिए भी सुप्रीम कोर्ट ने कमेटी का गठन करने का आदेश दिया है।
वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार के कर्मचारी पिछले लंबे समय से ही 7वें वेतन आयोग का गठन करने की मांग कर रहे थे। सरकारी कर्मचारी मुख्य वेतन, ग्रेड पे और विभिन्न भत्ता में वृद्धि की मांग कर रहे थे। गौरतलब है कि 27 नवंबर 2015 को 6वां वेतन आयोग गठित किया गया था। इसका चेयरमैन अर्थशास्त्री अभिरूप सरकार को बनाया गया था।
वर्ष 2019 को आयोग ने अपनी रिपोर्ट जमा की। पिछले साल जून में हाई कोर्ट की रिपोर्ट के आधार पर 6वें वेतन आयोग की पूर्ण रिपोर्ट जारी की गयी। बता दें, वर्ष 2009 से 2019 के बीच जो महंगाई भत्ता बाकी है, वह 5वें वेतन आयोग के अधीन है।