राज्य के सरकारी कर्मचारियों के बकाया महंगाई भत्ता को लेकर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने अपना बड़ा फैसला सुनाया। अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश मनोज मिश्र की खंडपीठ ने कहा है कि वर्ष 2019 से राज्य के सरकारी कर्मचारियों का जो महंगाई भत्ता (DA) बकाया है, उसका 25% हिस्सा मार्च तक दे देना होगा।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से भाजपा शिविर में भी उत्साह की लहर दौड़ गयी है। प्रदेश भाजपा सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को आने वाले विधानसभा चुनाव में बतौर हथियार इस्तेमाल करने की योजना बना रही है।
विधानसभा में विरोधी पार्टी के नेता शुभेंदु अधिकारी ने इस मामले में कहा कि यह जीत राज्य सरकार के कर्मचारियों की एक साथ मिल कर लड़ी गयी लड़ाई की जीत है। वैध अधिकार के लिए बिना किसी समझौते के लड़ी गयी इस लड़ाई को मैं सलाम करता हूं। राष्ट्रवादी सोच वाले सभी सरकारी कर्मचारियों को मैं दिल से बधाई देता हूं। DA मामले का फैसला आते ही अपने सोशल मीडिया अकाउंट से शुभेंदु अधिकारी ने एक पोस्ट किया।
उन्होंने एक बार फिर से राज्य सरकार पर तीखा वार करते हुए लिखा, 'ममता बनर्जी की असंवेदनशील सरकार पिछले लंबे समय राज्य के सरकारी कर्मचारियों को उचित महंगाई भत्ते से वंचित कर रही थी, जिसके वे हकदार हैं। ट्राईब्यूनल से कलकत्ता हाई कोर्ट, एक के बाद एक कई कानूनी लड़ाईयां जीतने के बाद भी ममता बनर्जी ने राज्य कोषागार से करोड़ों रुपए खर्च कर देश के बड़े-बड़े वकीलों की फौज सिर्फ इसलिए खड़ी की ताकि राज्य सरकार के कर्मचारियों को वंचित किया जा सकें।'
वहीं प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार पिछले लंबे समय से सरकारी कर्मचारियों के साथ प्रताड़ना कर रही है। अभी तक सरकार प्रताड़ित कर रही है। यह सरकार अब खेल-मेला और उत्सव में ही व्यस्त है। यह दान-खैरात की सरकार है। इस समय पश्चिम बंगाल में राज्य सरकार नाम की कोई चीज नहीं है।
केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद सुकांत मजूमदार ने DA मामले में राज्य सरकार पर कटाक्ष करने का मौका नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने साबित कर दिया कि ममता बनर्जी की सरकार की जो स्थिति थी वह गलत है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि DA सरकारी कर्मचारियों का कानूनी अधिकार है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अविलंब 25% महंगाई भत्ता देने का फैसला सुनाया है।